भारतीय उच्चायोग पर हमले से NCP ने किया किनारा, ढाका हिंसा पर नसीरुद्दीन पटवारी की शांति की अपील
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संवाद 24 डेस्क। बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भड़की हिंसा के दौरान भारतीय उच्चायोग के बाहर हुई पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की घटनाओं से नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने खुद को अलग कर लिया है। पार्टी के चीफ कोऑर्डिनेटर नसीरुद्दीन पटवारी ने स्पष्ट किया है कि भारतीय उच्चायोग या किसी भी दूतावास पर हमले का उनकी पार्टी समर्थन नहीं करती।
पटवारी ने कहा कि भारतीय उच्चायोग, ढाका में तोड़फोड़ की कोशिश निंदनीय है और इससे आंदोलन की दिशा भटकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाना गलत है और ऐसे कृत्यों को रोका जाना चाहिए।
अहिंसक प्रदर्शन की अपील
शुक्रवार शाम जारी बयान में नसीरुद्दीन पटवारी ने देशवासियों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि जो लोग हिंसा, तोड़फोड़ या हमलों के लिए भीड़ को उकसा रहे हैं, उन्हें रोकने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही लोगों से सड़कों पर अहिंसक तरीके से एकजुट होने की अपील की गई।
छात्र नेता की मौत के बाद बढ़ा तनाव
बता दें कि इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी पर पिछले सप्ताह हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था, जहां गुरुवार को उनकी मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार को ढाका लाया गया।
शाहबाग धरना समाप्त
हादी की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर शाहबाग में चल रहा धरना शुक्रवार को समाप्त कर दिया गया। आयोजकों के अनुसार, शनिवार को दोपहर दो बजे हादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रदर्शनकारी एकत्र होंगे। नमाज-ए-जनाजा संसद परिसर के साउथ प्लाजा में अदा की जाएगी।
ढाका यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन के महासचिव एस.एम. फरहाद ने धरना समाप्त करने की घोषणा की। हालांकि, छात्र संगठनों के भीतर इसे लेकर मतभेद की स्थिति भी सामने आई है और कुछ छात्र नेताओं ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है।






