
संवाद 24। रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नवा रायपुर में तीन दिवसीय डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ करते हुए कहा कि माओवाद, पूर्वोत्तर और जम्मू-कश्मीर जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान मोदी सरकार ने प्रदान किया है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में विकास अब देश के अन्य हिस्सों की तरह होगा और सुरक्षा चुनौतियों को जड़ से खत्म किया जा रहा है। शाह ने कहा कि अगली डीजीपी-आईजी कॉन्फ्रेंस से पहले देश पूरी तरह माओवादी समस्या से मुक्त हो जाएगा। 2014 में माओवाद प्रभावित जिले 126 थे, जो अब घटकर केवल 11 रह गए हैं।
उन्होंने देशभर में फैले मादक पदार्थों के संगठित अपराध के खिलाफ 360 डिग्री एक्शन की आवश्यकता पर जोर दिया और राज्यों की पुलिस को एनसीबी के साथ मिलकर अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा तंत्र विकसित किया जाए कि नार्को तस्करों को देश में “एक इंच” भी जगह न मिले।
अमित शाह ने एनआईए और यूएपीए कानूनों को मजबूत करने और नए आपराधिक कानून लागू करने पर कहा कि इससे भारत की पुलिसिंग दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणाली के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने पीएफआई पर प्रतिबंध और उसके बाद की गई संयुक्त छापेमारी को केंद्र और राज्यों के बीच उत्कृष्ट समन्वय का उदाहरण बताया। शाह ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और नारकोटिक्स पर कड़े प्रहार के लिए इंटेलिजेंस की सटीकता और कार्रवाई की समन्वयता बेहद जरूरी है।
कान्फ्रेंस में आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आतंकवाद, माओवाद और नारकोटिक्स नेटवर्क के उन्मूलन पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम रायपुर पहुंचे और शनिवार व रविवार को कुल छह सत्रों में शामिल होंगे। सम्मेलन की थीम है— विकसित भारत, सुरक्षा आयाम।






