किसान खाद की कमी से परेशान, गेहूं और तंबाकू की बोआई पर संकट
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संवाद 24 कायमगंज। क्षेत्र के किसानों के लिए इस बार रबी सीजन की शुरुआत मुश्किलों भरी साबित हो रही है। गेहूं और तंबाकू की बोआई का समय चल रहा है, लेकिन खाद न मिलने से किसान असमंजस में हैं। खाद केंद्रों पर सुबह से लगी लंबी कतारें उम्मीद से ज्यादा निराशा दे रही हैं। किसानों का कहना है कि डीएपी और यूरिया की किल्लत बोआई के समय सबसे बड़ी समस्या बन गई है।
खाद वितरण केंद्र के बाहर इंतजार कर रहे किसानों ने बताया कि सुबह से नंबर लगाकर बैठे हैं, लेकिन शाम तक भी खाद नहीं मिली। संचालकों की ओर से बताया गया कि स्टॉक सीमित है और जल्द नई सप्लाई आने की उम्मीद है। कई किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र पर तय रेट से अधिक कीमत मांगी जा रही है, जिससे आर्थिक बोझ और बढ़ गया है।
स्थानीय किसान बालिस्ट्टर (गांव लुढ़ैया) ने बताया कि “10 बीघा खेत में गेहूं बोआई करनी है, जिसके लिए डीएपी खाद जरूरी है। सुबह से लाइन में बैठा हूं, लेकिन अभी तक नहीं मिली। उम्मीद है कि मिल जाए तो खेती समय पर शुरू हो सके।”
वहीं, ग्राम भोगपुर की विद्या देवी ने कहा, “पांच बीघा खेत में आलू और गेहूं की तैयारी है। ट्रैक्टर भी तैयार है, लेकिन खाद नहीं मिलने से काम रुका हुआ है। बच्चों संग सुबह आए थे, अभी तक इंतजार कर रही हूं।”
गांव माला कोठी के किसान शरद यादव ने बताया, “30 बीघा में आलू और तंबाकू की बोआई करनी है। बोआई में देर होने से उत्पादन पर असर पड़ेगा। कल भी आया था, आज फिर से खाद लेने के लिए खड़ा हूं।”
कई किसानों ने बताया कि प्रशासनिक स्तर पर तुरंत हस्तक्षेप की जरूरत है, ताकि खाद की आपूर्ति समय पर हो सके और फसल चक्र प्रभावित न हो। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी माना कि समस्या गंभीर है और जल्द समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
संवाद 24 किसानों की इस समस्या पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रशासन से आग्रह करता है कि त्वरित कार्रवाई की जाए ताकि बोआई का समय बर्बाद न हो।






