18 नवंबर 2025 का वैदिक पंचांग
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संवाद 24 (आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री)
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 18 नवम्बर 2025, मंगलवार
कालगणना
विक्रम संवत् – 2082
शक संवत् – 1947
कलियुग – 5127
संवत्सर – सिद्धार्थी
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – हेमंत
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – मार्गशीर्ष
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्दशी (रात्रि 01:14 तक), तत्पश्चात अमावस्या आरम्भ
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – चित्रा प्रातः 09:42 तक, तत्पश्चात स्वाती
योग – सौभाग्य
करण – वणिज, तत्पश्चात विष्टि
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:47
सूर्यास्त – 05:37
ब्रह्ममुहूर्त – 05:11 से 05:59
अभिजीत मुहूर्त – 11:49 से 12:33
निशिता मुहूर्त – 23:44 से 00:36 (19 नव.)
राहुकाल – 02:51 से 04:12
दिशाशूल – उत्तर दिशा में
पंचक – नहीं
भद्रा – रात्रि में विष्टि करण के समय लागू
व्रत / पर्व विवरण – काली चौदस, यम तर्पण
दिशा-विवेक
पूजा पूर्व दिशा में करने से लौकिक उन्नति होती है।
उत्तर दिशा में पूजा करने से आध्यात्मिक उन्नति होती है।
पश्चिम दिशा में आरती करने से सुख-सौभाग्य में बाधा आती है।
सोते समय सिर पूर्व या दक्षिण की ओर रखना शुभ रहता है।
आज का विशेष उपाय (शुभ-फल एवं बाधा-निवारण)
आज रात सरसों के तेल का दीपक घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में जलाएँ। इसके बाद “ॐ कालीकायै नमः” का 108 बार जप करें। यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है और घर में सुख-शांति स्थापित करता है।

