
छिबरामऊ, कन्नौज। दीपावली के त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच और निरीक्षण कार्रवाई को लेकर छोटे कारोबारियों की समस्याएं सामने आने लगी हैं। इसी मुद्दे को लेकर समाजवादी व्यापार सभा ने छिबरामऊ में प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई। संगठन के पदाधिकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर खाद्य पदार्थों की जांच के नाम पर छोटे व्यापारियों के कथित आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की।
छोटे कारोबारियों की परेशानी को लेकर प्रशासन तक पहुंची आवाज
समाजवादी व्यापार सभा के जिला अध्यक्ष प्रियतेश सिंह तोमर के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में फुटकर व्यापारियों, हलवाई, परचून दुकानदारों और अन्य छोटे खाद्य कारोबारियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। संगठन का कहना है कि त्योहार के समय छोटे व्यापारी अपने कारोबार के जरिए परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में जांच के नाम पर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायतों पर प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
निष्पक्ष और पारदर्शी जांच व्यवस्था की उठाई मांग
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने मांग की कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच निर्धारित नियमों और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही छोटे व्यापारियों के सम्मान और उनके व्यापारिक हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। संगठन ने कथित आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।
कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अशोक चौहान, वरिष्ठ सपा नेता शैलेंद्र बबल प्रधान, चंद्रजीत एडवोकेट, जिला सचिव विवेक प्रजापति, अवनीश गुप्ता, सपा नेता गोविंद यादव, संतोष गुप्ता, महेंद्र, पवनेश, विपिन, सतीश और गौरव सहित समाजवादी व्यापार सभा के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
व्यापारियों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई जारी रखने का संकल्प
समाजवादी व्यापार सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन व्यापारियों के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाता रहेगा। दीपावली जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर छोटे कारोबारियों को भयमुक्त वातावरण में व्यापार करने का अवसर मिलना चाहिए। अब इस ज्ञापन के बाद प्रशासन की ओर से व्यापारियों की शिकायतों पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी।






