
जिले में सरकारी राशन वितरण में अनियमितताओं के आरोपों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नवाबगंज क्षेत्र के पिलखाना गांव में सरकारी खाद्यान्न के कथित गबन के मामले में कोटेदार रूपा देवी और उनके बेटे विजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं, जिलाधिकारी के आदेश पर संबंधित राशन दुकान का अनुबंध भी निरस्त कर दिया गया है। मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू होने से सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में जवाबदेही को लेकर प्रशासन की सख्ती सामने आई है।
ग्रामीणों की शिकायत पर शुरू हुई जांच, राशन वितरण में मिली गड़बड़ी
जानकारी के अनुसार, पिलखाना गांव के ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि उन्हें सरकारी राशन का वितरण नहीं किया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद पूर्ति निरीक्षक सुधांशु यादव ने मामले की जांच की। जांच के दौरान राशन दुकान पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होने और निर्धारित नियमों के अनुसार वितरण न किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की।
चावल, गेहूं और बाजरे समेत खाद्यान्न के गबन का आरोप
मामले में कोटेदार रूपा देवी और उनके बेटे विजय सिंह पर सरकारी खाद्यान्न के गबन का आरोप लगाया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कथित अनियमितता में 50.46 क्विंटल चावल, 14 क्विंटल बाजरा, 33 किलोग्राम चीनी और 50 क्विंटल गेहूं शामिल है। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर बुधवार देर शाम मेरापुर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस मामले की जांच और नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।
पहले निलंबित हुई थी दुकान, अब अनुबंध भी निरस्त
प्रशासन ने संबंधित राशन दुकान के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की थी। जानकारी के अनुसार, दुकान को 1 जुलाई 2026 को निलंबित कर दिया गया था। निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्पष्टीकरण नहीं मिलने के बाद जिलाधिकारी ने 18 अक्टूबर 2026 को दुकान का अनुबंध निरस्त करने का आदेश दिया। इसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी की गई।
सभी राशन विक्रेताओं को चेतावनी, गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी ने जिले के सभी उचित दर विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे पात्र राशन कार्डधारकों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा खाद्यान्न उपलब्ध कराएं। राशन वितरण में लापरवाही, अनियमितता या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पात्र लाभार्थियों तक राशन पहुंचाना प्रशासन के सामने चुनौती
सरकारी राशन योजना का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। ऐसे में वितरण में गड़बड़ी होने पर सीधे लाभार्थियों के हित प्रभावित होते हैं। पिलखाना गांव के मामले में दुकान का अनुबंध निरस्त करने और मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई के बाद अब जांच में आरोपों की पुष्टि तथा जिम्मेदारी तय होना महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन की कार्रवाई से राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र लोगों तक उनका हक पहुंचाने की दिशा में सख्त संदेश गया है।






