
शारदीय नवरात्र की अष्टमी और नवमी पर देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए फर्रुखाबाद पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रमुख मंदिरों से लेकर दुर्गा प्रतिमा पंडालों तक निगरानी बढ़ाई गई है। भीड़ को नियंत्रित करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिले को चार जोन और 14 सेक्टर में बांटा गया है।
900 से अधिक पुलिसकर्मियों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी
नवरात्र के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की व्यापक तैनाती की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक प्लाटून पीएसी के साथ चार क्षेत्राधिकारी (सीओ), 15 एसएचओ, 80 उपनिरीक्षक, 700 कांस्टेबल एवं हेड कांस्टेबल तथा 100 अन्य कांस्टेबलों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारी देकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गुरुगांव देवी और बढ़पुर मंदिर पर विशेष निगरानी
श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही वाले गुरुगांव देवी मंदिर और बढ़पुर स्थित देवी मंदिर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सीओ को जोन और इंस्पेक्टरों को सेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका उद्देश्य भीड़ प्रबंधन, पुलिसकर्मियों की त्वरित तैनाती और किसी भी समस्या पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
46 मंदिर और 85 पंडाल सुरक्षा के दायरे में
पुलिस ने जिले के 46 मंदिरों और 85 दुर्गा प्रतिमा पंडालों को सुरक्षा की दृष्टि से चिह्नित किया है। पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के अनुसार, भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों और महिलाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर नजर रखने के लिए सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। मंदिरों और पंडालों में सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जाएगी।
मूर्ति विसर्जन और यातायात के लिए भी तैयारी
नवरात्र के समापन पर मूर्ति विसर्जन के दौरान भीड़ और यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए रूट डायवर्जन की योजना तैयार की गई है। इसके साथ ही आपात स्थिति में आग से निपटने के लिए चार दमकल गाड़ियों की तैनाती रहेगी। किसी भी अप्रिय घटना या अचानक उत्पन्न होने वाली स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) को अलर्ट रखा गया है।
प्रशासन की नजर व्यवस्था पर, श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता
नवरात्र के दौरान मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की कोशिश सुरक्षा के साथ दर्शन-पूजन और आवागमन को सुचारु बनाए रखने की है। श्रद्धालुओं से भी अपेक्षा है कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और भीड़ के बीच किसी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।






