
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – आश्विन (अमांत), आश्विन (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – नवमी दोपहर 12:52 PM तक, तत्पश्चात् दशमी
वार – मंगलवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – श्रवण शाम 06:02 PM तक, तत्पश्चात् धनिष्ठा
योग – शूल अगले दिन (21 अक्टूबर) प्रातः 00:49 AM तक, तत्पश्चात् गण्ड
करण – कौलव दोपहर 12:52 PM तक, तत्पश्चात् तैतिल अगले दिन (21 अक्टूबर) प्रातः 01:37 AM तक, तत्पश्चात् गर
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 06:14 AM
सूर्यास्त – 05:38 PM
चन्द्रोदय – 02:07 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (21 अक्टूबर) 01:17 AM
चन्द्र राशि – मकर
अभिजित मुहूर्त – 11:33 AM से 12:19 PM तक
विजय मुहूर्त – 01:50 PM से 02:35 PM तक
अशुभ काल
राहुकाल – 02:47 PM से 04:13 PM तक
यमगण्ड – 09:05 AM से 10:30 AM तक
गुलिक काल – 11:56 AM से 01:22 PM तक
दुर्मुहूर्त – 08:31 AM से 09:16 AM तक एवं 10:48 PM से 11:36 PM तक
कंटक – 06:59 AM से 07:45 AM तक
शुभ चौघड़िया
रोग – 06:14 AM से 07:39 AM तक
उद्वेग – 07:39 AM से 09:05 AM तक
चर – 09:05 AM से 10:30 AM तक
लाभ – 10:30 AM से 11:56 AM तक
अमृत – 11:56 AM से 01:22 PM तक
शुभ – 02:47 PM से 04:13 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – उत्तर
यात्रा उपाय – मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो गुड़ या धनिया खाकर अथवा श्री हनुमान चालीसा का पाठ करके प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
विजयादशमी (दशहरा / आयुध पूजा / अपराजिता पूजन)
दोपहर 12:52 के बाद आश्विन शुक्ल दशमी तिथि प्रारंभ हो रही है, जिससे अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का महापर्व ‘विजयादशमी’ (दशहरा) मनाया जाएगा। अपराह्न काल में विजय मुहूर्त में शमी पूजन, अपराजिता देवी पूजन, शस्त्र (आयुध) पूजा और रावण दहन का विधान रहेगा। इस पावन अवसर पर नए कार्यों, प्रतिष्ठानों और अध्ययन का शुभारंभ अत्यंत शुभ व सिद्धिदायक माना जाता है।
श्रवण नक्षत्र एवं श्रवण द्वादशी/दशहरा प्रभाव
शाम 06:02 तक श्रवण नक्षत्र प्रभावी रहेगा, जिसके अधिपति भगवान विष्णु हैं। श्रवण नक्षत्र में विजयादशमी का संयोग समस्त कार्यों में विजय, ज्ञान, यश और समृद्धि प्रदान करने वाला होता है। शाम के बाद मंगल का नक्षत्र धनिष्ठा प्रारंभ होगा।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा पूरे दिन-रात शनिदेव की राशि मकर में संचरण करेंगे। मंगलवार का दिन होने से मकर राशि में चन्द्रमा और मंगल-शनि के संयुक्त प्रभाव से साहस, कर्मनिष्ठा और अनुशासन में वृद्धि होगी। दोपहर 12:52 के बाद दशमी तिथि में दशहरा पूजन समस्त कष्टों और शत्रुओं का नाश करने वाला रहेगा।

आज का राशिफल – 20 अक्टूबर 2026 मंगलवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दशम भाव में चन्द्रमा कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान और प्रभुत्व बढ़ाएगा। अधिकारियों और वरिष्ठों का भरपूर सहयोग मिलेगा। व्यापार में नए अवसर प्राप्त होंगे।
उपाय – श्री हनुमान जी को सिन्दूर और चमेली का तेल अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
नवम भाव में चन्द्रमा भाग्य का पूर्ण सहयोग दिलाएगा। धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भाग लेंगे। उच्च शिक्षा व प्रतियोगिता

