नवरात्रि से पहले कन्नौज के बाजारों में उमड़ी भीड़, 100 से 5 हजार रुपये तक बिक रहीं मां दुर्गा की प्रतिमाएं

कन्नौज। शारदीय नवरात्रि के आगमन से पहले कन्नौज जनपद के बाजारों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं की खरीदारी तेज हो गई है। तिर्वा तहसील के ठठिया, उमर्दा, सुर्सी, औसेर, खैरनगर और तिर्वा सहित कई बाजारों में शनिवार को चहल-पहल देखने को मिली। घरों में पूजा-अर्चना और सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडालों की तैयारियों के बीच श्रद्धालु अपनी पसंद के अनुसार प्रतिमाएं खरीदते नजर आए।

100 रुपये से लेकर 5 हजार रुपये तक की प्रतिमाएं उपलब्ध

बाजारों में छोटी प्रतिमाओं से लेकर भव्य आकार की मूर्तियां तक उपलब्ध हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घरों में पूजा के लिए एक से तीन फीट तक की प्रतिमाओं की मांग रही। इनकी कीमत लगभग 100 रुपये से लेकर 3,000 से 5,000 रुपये तक बताई गई। कीमत मूर्ति के आकार, बनावट, सजावट और निर्माण सामग्री के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

कोलकाता शैली की प्रतिमाएं बनीं आकर्षण का केंद्र

दुर्गा पूजा के लिए कोलकाता शैली में तैयार की गईं मां दुर्गा की प्रतिमाएं विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन प्रतिमाओं में पारंपरिक शिल्पकला, आकर्षक रंगों और बारीक श्रृंगार का समावेश देखने को मिलता है। सार्वजनिक पूजा समितियां अपनी सजावट और पंडालों के अनुरूप प्रतिमाएं पसंद करती हैं, जबकि घरेलू पूजा के लिए श्रद्धालु अपेक्षाकृत छोटी मूर्तियां खरीदते हैं।

मिट्टी, बांस और पुआल से तैयार होती हैं प्रतिमाएं

मां दुर्गा की पारंपरिक प्रतिमाओं को तैयार करने में मिट्टी, बांस और पुआल जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। मूर्तिकार प्रतिमा के ढांचे से लेकर चेहरे की बनावट, रंगाई और अंतिम श्रृंगार तक कई चरणों में काम करते हैं। त्योहार से पहले इन तैयारियों को पूरा करने के लिए कारीगरों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। प्रतिमाओं की सुंदरता और शिल्पकला श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।

बड़ी प्रतिमाओं के लिए पूजा समितियों की तैयारी

सार्वजनिक दुर्गा पूजा समितियों के लिए पांच से आठ-दस फीट तक की बड़ी प्रतिमाएं भी तैयार की जाती हैं। इन प्रतिमाओं को स्थापित करने के लिए पंडालों में स्थान, सजावट और पूजा की व्यवस्थाएं की जाती हैं। हालांकि, जनपद में इस वर्ष तैयार की गई बड़ी प्रतिमाओं की कुल संख्या और समितियों की खरीदारी के आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

त्योहार से मूर्तिकारों और दुकानदारों को उम्मीद

नवरात्रि के दौरान प्रतिमाओं की मांग बढ़ने से मूर्तिकारों और संबंधित दुकानदारों को कारोबार में तेजी की उम्मीद रहती है। प्रतिमाओं की बिक्री के साथ पूजा सामग्री और श्रृंगार से जुड़ी वस्तुओं की खरीदारी भी त्योहार की तैयारियों का हिस्सा होती है। बाजारों में बढ़ती आवाजाही से धार्मिक उत्सव का माहौल दिखाई देने लगा है।

11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि

वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत रविवार, 11 अक्टूबर से हो रही है। इस दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना की जाती है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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