
कन्नौज/तिर्वा। राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, तिर्वा में छात्रवृत्ति की राशि समय पर न मिलने से नाराज छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर और मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों का कहना है कि कई महीनों से छात्रवृत्ति लंबित होने के कारण उन्हें पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, करीब 710 विद्यार्थी कॉलेज में अध्ययनरत हैं और छात्रवृत्ति का भुगतान लंबे समय से लंबित बताया गया है।
पांच महीने से भुगतान लंबित होने का दावा
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक उन्हें पिछले करीब पांच महीनों की छात्रवृत्ति नहीं मिली है। विद्यार्थियों का कहना है कि इस संबंध में कॉलेज प्रशासन, जिला अधिकारियों और समाज कल्याण विभाग से संपर्क किया गया, लेकिन समस्या का समय रहते समाधान नहीं हो सका। अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट में भी कॉलेज के 673 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति लंबित होने की जानकारी सामने आई थी।
बैनर लेकर मुख्य गेट पर पहुंचे छात्र
लगातार इंतजार के बाद छात्रों का आक्रोश प्रदर्शन में बदल गया। बड़ी संख्या में विद्यार्थी बैनर और पोस्टर लेकर कॉलेज के मुख्य गेट पर पहुंचे और छात्रवृत्ति भुगतान की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए विभिन्न नारे लिखे बैनर भी प्रदर्शित किए।
प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी कॉलेज पहुंचे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट वैशाली, तिर्वा क्षेत्राधिकारी कुलवीर सिंह और तहसीलदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों ने कॉलेज निदेशक प्रो. मनोज कुमार शुक्ला से छात्रवृत्ति संबंधी स्थिति की जानकारी ली।
आश्वासन के बाद शांत हुए विद्यार्थी
अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन से बातचीत के दौरान छात्रों को उनकी समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिया गया। निदेशक मनोज शुक्ला ने भी जल्द पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया।
पहले भी सामने आ चुकी है छात्रवृत्ति की समस्या
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, तिर्वा में छात्रवृत्ति भुगतान को लेकर समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। अप्रैल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक 673 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति लंबित थी। बाद में अगस्त में छात्रों के प्रदर्शन की खबरें सामने आईं, जिससे स्पष्ट है कि भुगतान में देरी का मुद्दा कई महीनों से विद्यार्थियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ था।






