खाड़ेदेवर में 22 दिन से ठप थी पेयजल आपूर्ति, विधायक के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीणों का धरना समाप्त

कन्नौज। तालग्राम क्षेत्र की ग्राम पंचायत खाड़ेदेवर में लंबे समय से बाधित पेयजल आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार शांत हुआ। पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने पानी की टंकी के पास धरना-प्रदर्शन शुरू किया था। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार गांव में करीब 22 दिनों से पानी की सप्लाई प्रभावित थी, जिससे ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों के लिए दूर से पानी लाना पड़ रहा था।

पानी की किल्लत ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी

ग्रामीणों का कहना था कि गांव की पेयजल टंकी होने के बावजूद नियमित आपूर्ति नहीं हो रही थी। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान न होने से नाराज ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया और जल्द आपूर्ति बहाल न होने पर ब्लॉक मुख्यालय पर तालाबंदी की चेतावनी भी दी थी।

मौके पर पहुंचीं विधायक अर्चना पांडे, सुनी ग्रामीणों की समस्या

धरने की जानकारी मिलने पर छिबरामऊ विधायक अर्चना पांडे मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर पेयजल संकट की स्थिति की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से पानी की आपूर्ति बाधित होने के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

एक्सईएन से फोन पर हुई बात, जल्द व्यवस्था बहाल करने के निर्देश

विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित जल विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) से फोन पर बातचीत की। उन्होंने पेयजल आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारु कराने के निर्देश दिए और अगले दो घंटे में व्यवस्था बहाल कराने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया।

आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने खत्म किया धरना

विधायक के आश्वासन और संबंधित विभाग से तत्काल कार्रवाई के निर्देश मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि विभागीय स्तर पर जल्द कार्रवाई होगी और गांव में नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल हो जाएगी।

पुरानी पेयजल व्यवस्था की चुनौती भी सामने

खाड़ेदेवर में पेयजल व्यवस्था को लेकर समस्या नई नहीं है। उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड में भी गांव को ग्रामीण पाइप पेयजल योजना से जोड़ने तथा पानी की टंकी और पाइपलाइन व्यवस्था विकसित करने का उल्लेख मिलता है। इससे स्पष्ट है कि गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए बुनियादी ढांचा पहले से प्रस्तावित/विकसित किया गया था, लेकिन मौजूदा समस्या उसके संचालन और नियमित आपूर्ति से जुड़ी दिखाई देती है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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