
संवाद 24 आगरा। ताजनगरी के खंदौली थाना क्षेत्र अंतर्गत अलीगढ़ मार्ग पर शनिवार तड़के उस वक्त दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला, जब तेज रफ्तार में आ रहे एक डंपर और बड़े कंटेनर ट्रक की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी प्रचंड थी कि दोनों भारी वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चंद पलों के भीतर ही वाहनों में भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटों ने दोनों भारी गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दो लोगों के जिंदा जलकर मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से झुलस गया है जिसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तड़के का सन्नाटा चीखों में बदला
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दुर्घटना सुबह के वक्त हुई जब मार्ग पर धुंध और कम दृश्यता के बीच दोनों वाहन अपनी गति में थे। जैसे ही दोनों वाहन खंदौली क्षेत्र से गुजर रहे थे, अनियंत्रित होकर आमने-सामने टकरा गए। जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और ढाबों पर मौजूद लोग चौंक पड़े। जब तक लोग कुछ समझ पाते, वाहनों की डीजल टंकी फटने या स्पार्किंग के कारण केबिन में आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं।
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पास जाकर बचाव कार्य कर पाना स्थानीय लोगों के लिए असंभव साबित हो रहा था। वाहनों के केबिन बुरी तरह पिचक गए थे, जिससे भीतर बैठे चालकों और परिचालकों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
दमकल और पुलिस का संयुक्त राहत अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और अग्निशमन दल (फायर ब्रिगेड) की गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना हुईं। घटनास्थल पर पहुंचकर दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पानी की बौछारें डालकर धधकती आग पर काबू पाना शुरू किया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए एक घायल व्यक्ति को तत्काल सुरक्षित निकालकर एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्रारंभिक जांच में दो व्यक्तियों के केबिन के भीतर ही फंसे रह जाने और दम घुटने या जलने से जान गंवाने की गंभीर आशंका व्यक्त की गई है। आग पूरी तरह शांत होने के बाद कटर और क्रेन की मदद से वाहनों के मलबे को हटाने और फंसे लोगों को निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई।
कई किलोमीटर तक थमे वाहनों के पहिए
अलीगढ़-आगरा मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख लाइफलाइन माना जाता है, जहां चौबीसों घंटे मालवाहक ट्रकों और यात्री बसों का भारी दबाव रहता है। बीच सड़क पर दो भारी वाहनों के धू-धू कर जलने और सड़क पर मलबा फैल जाने के कारण हाईवे के दोनों छोर पर लंबा जाम लग गया। सुबह के समय ड्यूटी, व्यापार और लंबी दूरी के सफर पर निकले सैकड़ों यात्री व वाहन चालक कई घंटों तक जाम में फंसे रहे। पुलिस कर्मियों ने रूट डायवर्जन लागू कर छोटे वाहनों को लिंक मार्गों से निकाला, जबकि भारी वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क किनारे कर यातायात को धीरे-धीरे सुचारू करने का प्रयास किया गया।
तकनीकी खराबी या मानवीय चूक? जांच शुरू
हाईवे पर होने वाले इस तरह के जानलेवा हादसों ने एक बार फिर रात और तड़के के समय भारी वाहनों की अनियंत्रित गति और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन इस बात की विस्तृत जांच कर रहा है कि यह हादसा क्या किसी चालक को झपकी आने की वजह से हुआ या फिर किसी वाहन का टायर फटने अथवा ओवरटेकिंग के प्रयास में यह दर्दनाक स्थिति उत्पन्न हुई। संबंधित थानों की पुलिस ने दोनों वाहनों के नंबरों के आधार पर उनके स्वामियों और संभावित मृतकों की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए हैं। प्रशासन ने हाईवे पर चलने वाले चालकों से अपील की है कि भोर और रात के समय गति सीमा का विशेष ध्यान रखें ताकि ऐसे भीषण हादसों से बचा जा सके।






