
संवाद 24 नई दिल्ली। देश के मौसम का मिजाज एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में बने मजबूत वेदर सिस्टम के असर से देश के बड़े हिस्से में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक राष्ट्रव्यापी महा-अलर्ट जारी करते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और मध्य प्रदेश सहित कुल 15 राज्यों में आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी दी है। ओडिशा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश से जनजीवन पहले ही अस्त-व्यस्त हो चुका है और अब यह तूफानी चक्र उत्तर और मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में रेड अलर्ट, स्कूलों पर लगा ताला
उत्तर प्रदेश में मानसून के आक्रामक रुख ने स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों के लिए सीधे रेड अलर्ट जारी किया है। संभावित जलभराव, नदियों के उफान और तूफानी हवाओं के खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित जनपदों में आज सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दे दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों की सघन आवाजाही और तेज हवाओं के चलते राज्य के मध्य एवं पश्चिमी हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश देखने को मिल सकती है। निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय नालों के उफनाने से बाढ़ जैसी स्थितियां उत्पन्न होने का अंदेशा है। शासन ने स्थानीय नगर निगमों और आपदा प्रबंधन इकाइयों को किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है।
देवभूमि उत्तराखंड में भूस्खलन और मलबे की चेतावनी
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में स्थिति और भी ज्यादा नाजुक बनी हुई है। मौसम केंद्र ने अगले दो दिनों के लिए प्रदेश भर में भारी से बहुत भारी वर्षा का रेड अलर्ट घोषित किया है। मैदानी और तराई इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी मार्गों पर यह आफत बनकर टूट सकती है।
1- रेड अलर्ट वाले प्रमुख जिले: देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी।
2- ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग।
पहाड़ी ढलानों पर मूसलाधार बारिश के चलते अचानक भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने और पहाड़ी चट्टानें खिसककर सड़कों पर गिरने का भारी जोखिम पैदा हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के बाधित होने की आशंका के मद्देनजर चारधाम यात्रा मार्ग पर चल रहे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की कड़ी सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील घाटियों और नदी तटों के पास जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
राजधानी दिल्ली, बिहार और मध्य प्रदेश भी जद में
देश की राजधानी दिल्ली और पूरे एनसीआर क्षेत्र में बादलों के घिराव के साथ भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है, जिससे व्यस्त सड़कों पर भीषण जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो सकती है। वहीं पूर्वी भारत के बिहार और मध्य भारत के मध्य प्रदेश में हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं, जहां दर्जन भर से अधिक जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इनके अतिरिक्त राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बादलों का तांडव देखने को मिलेगा, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
आखिर क्यों बिगड़ रहा है मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस व्यापक मौसमी बदलाव के पीछे एक बेहद सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) है। यह मौसमी तंत्र तेजी से उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है, जिसकी वजह से नम हवाओं का एक विशाल चक्रवात भारतीय उपमहाद्वीप के अंदरूनी इलाकों में प्रवेश कर चुका है। हवाओं की उच्च गति और नमी के अत्यधिक दबाव के कारण अचानक गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो रहा है।
नागरिकों के लिए सख्त सुरक्षा एडवाइजरी
खतरे की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे बेहद जरूरी न होने पर लंबी दूरी की यात्रा और पहाड़ी इलाकों का रुख करने से बचें।
1- उफनती नदियों, बरसाती नालों और जलमग्न अंडरपासों से पूरी तरह दूर रहें।
2- आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
3- स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।






