
तिर्वा/कन्नौज। ठठिया थाना क्षेत्र के महसैया गांव में बुधवार सुबह उस समय ग्रामीणों में हलचल मच गई, जब धान के खेत में करीब 10 फीट लंबा अजगर दिखाई दिया। खेत में पानी लगाने पहुंचे किसान विकास की नजर जैसे ही विशालकाय अजगर पर पड़ी, वह घबरा गए और शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर आसपास के किसान मौके पर पहुंच गए।
विशाल अजगर को पकड़ने में ग्रामीणों के छूटे पसीने
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने अजगर को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन उसकी लंबाई और आकार के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई। जानकारी मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया।अजगर को रेस्क्यू करने के बाद वन विभाग की टीम उसे बोरी में रखकर अपने साथ ले गई। अजगर के पकड़े जाने के बाद खेत के आसपास मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
अजगर के पास मिला सियार का शव, उठे कई सवाल
ग्रामीणों के अनुसार, जिस स्थान पर अजगर मिला, उसके पास ही एक मृत सियार का शव भी पड़ा था। अजगर और सियार का शव एक ही स्थान पर मिलने से मौके पर मौजूद लोगों में कौतूहल बढ़ गया। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि सियार अजगर का शिकार हो सकता है, हालांकि इस बात की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।वन्यजीव विशेषज्ञों के उपलब्ध शोध के अनुसार भारतीय रॉक पाइथन विभिन्न प्रकार के स्तनधारियों, पक्षियों और सरीसृपों का शिकार कर सकता है और उसके आहार में जैकाल के शामिल होने के रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। हालांकि किसी विशेष घटना में मिले शव की मौत का कारण केवल मौके की स्थिति के आधार पर निर्धारित नहीं किया जा सकता।
खेतों में वन्यजीवों की मौजूदगी से सतर्क रहने की जरूरत
धान के खेतों में पानी और घनी वनस्पति के कारण सांपों समेत कई वन्यजीवों को अस्थायी आश्रय मिल सकता है। ऐसे में खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। भारतीय रॉक पाइथन को Wildlife Institute of India के दस्तावेजों में संरक्षित प्रजाति के रूप में दर्ज किया गया है और इसके संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव संपर्क पर शोध भी किया गया है।
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग ने संभाला मोर्चा
महसैया गांव में अजगर दिखाई देने की सूचना के बाद वन विभाग की टीम के पहुंचने और उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने से संभावित खतरा टल गया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए थे। अजगर के सुरक्षित पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत महसूस की।महसैया गांव की इस घटना ने एक बार फिर खेतों और ग्रामीण इलाकों में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में वन्यजीव को खुद पकड़ने या नुकसान पहुंचाने के बजाय संबंधित वन विभाग को सूचना देना सुरक्षित तरीका है।






