
संवाद 24 डेस्क। न्यूजीलैंड में पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी करियर को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। न्यूजीलैंड सरकार ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक नया Short-Term Graduate Work Visa शुरू करने की घोषणा की है। इस वीजा के तहत पात्र अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को पढ़ाई पूरी करने के बाद न्यूजीलैंड में छह महीने तक काम करने की अनुमति मिलेगी। इस अवधि में वे रोजगार तलाश सकेंगे और अपनी योग्यता तथा नौकरी के आधार पर आगे के वर्क वीजा विकल्पों की ओर बढ़ने का प्रयास कर सकेंगे। न्यूजीलैंड के आव्रजन विभाग के अनुसार इस नए वीजा के लिए आवेदन 16 नवंबर 2026 से शुरू होंगे।
इस खबर का भारतीय छात्रों के लिए महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि भारत न्यूजीलैंड के अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बाजार में एक महत्वपूर्ण स्रोत देश है। Education New Zealand के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से अगस्त 2024 के बीच भारत से न्यूजीलैंड में अंतरराष्ट्रीय छात्र नामांकन 34 प्रतिशत बढ़कर 10,640 हो गया था, जबकि 2023 में पूरे साल यह संख्या 7,930 थी। हालांकि नए वीजा की पात्रता राष्ट्रीयता के आधार पर केवल भारतीय छात्रों तक सीमित नहीं है। इसका लाभ उन सभी अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को मिल सकता है जो निर्धारित शैक्षणिक और अन्य शर्तें पूरी करते हैं।
छह महीने का यह वीजा आखिर क्यों महत्वपूर्ण है?
विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक पढ़ाई पूरी होने के बाद रोजगार तलाशने के लिए मिलने वाला समय होता है। डिग्री या डिप्लोमा पूरा करने के बाद यदि किसी विद्यार्थी के पास तत्काल नौकरी नहीं है, तो उसे देश में रहने और रोजगार तलाशने के लिए उपयुक्त वीजा व्यवस्था की आवश्यकता होती है।
न्यूजीलैंड का नया Short-Term Graduate Work Visa इसी अंतर को भरने के लिए बनाया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह वीजा उन पात्र स्नातकों के लिए है जो न्यूजीलैंड में पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, लेकिन मौजूदा Post-Study Work Visa के लिए पात्र नहीं हैं। उन्हें छह महीने तक ओपन वर्क राइट्स मिलेंगे। इसका मतलब है कि इस वीजा के तहत पात्र व्यक्ति न्यूजीलैंड में किसी भी वैध नौकरी में काम कर सकता है, बशर्ते वीजा की अन्य शर्तों का पालन किया जाए।
यह अवधि केवल नौकरी करने के लिए ही नहीं, बल्कि करियर की दिशा तय करने के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इस दौरान स्नातक अपनी योग्यता से संबंधित अवसर तलाश सकते हैं और यदि परिस्थितियां अनुकूल हों तो आगे Accredited Employer Work Visa जैसे विकल्पों की दिशा में बढ़ सकते हैं।
16 नवंबर 2026 से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
न्यूजीलैंड के Immigration New Zealand ने स्पष्ट किया है कि नए Short-Term Graduate Work Visa के लिए आवेदन सोमवार, 16 नवंबर 2026 से शुरू होंगे। आवेदन Enhanced Immigration Online यानी ADEPT प्रणाली के माध्यम से किए जा सकेंगे।
इस तारीख को लेकर विद्यार्थियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। केवल न्यूजीलैंड में पढ़ाई पूरी कर लेना पर्याप्त नहीं है। आवेदक को यह देखना होगा कि उसकी योग्यता नए वीजा की निर्धारित श्रेणी में आती है या नहीं और उसका आवेदन छात्र वीजा समाप्त होने की निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जा रहा है या नहीं।
Immigration New Zealand के अनुसार आवेदन संबंधित छात्र वीजा की समाप्ति के तीन महीने के भीतर किया जाना चाहिए। इसलिए विद्यार्थियों के लिए अपने छात्र वीजा की समाप्ति की तारीख, कोर्स पूरा होने की तारीख और नए वीजा के आवेदन की समय सीमा को पहले से समझना जरूरी होगा।
भारतीय छात्रों के लिए क्या बदला है?
भारतीय छात्रों के संदर्भ में सबसे महत्वपूर्ण बात यह समझना जरूरी है कि यह कोई अलग ‘इंडियन स्टूडेंट वीजा’ नहीं है। न्यूजीलैंड ने भारतीय नागरिकों के लिए अलग छह महीने का वर्क वीजा घोषित नहीं किया है। बल्कि यह एक व्यापक अंतरराष्ट्रीय नीति है, जिसके तहत निर्धारित शैक्षणिक योग्यता वाले अंतरराष्ट्रीय स्नातक पात्र हो सकते हैं।
भारत के विद्यार्थियों के लिए इसका अर्थ यह है कि यदि वे न्यूजीलैंड में निर्धारित स्तर की पढ़ाई पूरी करते हैं और अन्य सभी शर्तें पूरी करते हैं, तो वे इस नए विकल्प का उपयोग कर सकते हैं।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच शिक्षा संबंधों के संदर्भ में यह बदलाव महत्वपूर्ण है। Education New Zealand के अनुसार 2024 में भारत को न्यूजीलैंड से शिक्षा संबंधी यात्रा निर्यात का मूल्य NZ$398.02 मिलियन था। इससे दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय शिक्षा क्षेत्र के आर्थिक महत्व का भी संकेत मिलता है।
कौन-कौन से छात्र इस वीजा के लिए पात्र होंगे?
नए वीजा की पात्रता को लेकर सबसे महत्वपूर्ण शर्त NZQCF यानी New Zealand Qualifications and Credentials Framework से जुड़ी है।
आधिकारिक नियमों के अनुसार आवेदक के पास NZQCF Level 5 से Level 7 की पात्र योग्यता होनी चाहिए। संबंधित योग्यता के लिए न्यूजीलैंड में कम से कम 24 सप्ताह का पूर्णकालिक अध्ययन किया जाना जरूरी है। साथ ही वह योग्यता ऐसी नहीं होनी चाहिए जिसके आधार पर विद्यार्थी पहले से Post-Study Work Visa के लिए पात्र हो।
इसका सीधा अर्थ यह है कि हर डिप्लोमा या सर्टिफिकेट अपने आप इस वीजा के लिए पात्र नहीं होगा। कोर्स की मान्यता, स्तर, पढ़ाई की अवधि और Post-Study Work Visa के लिए उसकी पात्रता—इन सभी पहलुओं को देखना होगा।
अंग्रेजी भाषा और फाउंडेशन कोर्स पर लागू नहीं होगा नियम
नए Short-Term Graduate Work Visa के लिए कुछ प्रकार की पढ़ाई को स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है।
Immigration New Zealand के अनुसार केवल English language, foundation या bridging qualification पूरी करने वाले विद्यार्थी इस वीजा के लिए पात्र नहीं होंगे। इसी तरह micro-credential भी इस वीजा की पात्र योग्यता में शामिल नहीं है।
इसलिए विदेश जाने की योजना बना रहे विद्यार्थियों के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं होगा कि किसी संस्थान में कोई कोर्स उपलब्ध है या नहीं। उन्हें यह भी जांचना होगा कि वह कोर्स न्यूजीलैंड की आधिकारिक योग्यता व्यवस्था में किस स्तर पर आता है और उसके पूरा होने के बाद कौन-से वीजा विकल्प उपलब्ध होंगे।
5 हजार न्यूजीलैंड डॉलर की आर्थिक शर्त
नए वीजा के लिए शैक्षणिक योग्यता के अलावा आर्थिक क्षमता से जुड़ी शर्त भी रखी गई है। आवेदक के पास कम से कम NZD 5,000 उपलब्ध होने चाहिए, ताकि वह न्यूजीलैंड में अपने रहने के खर्च को पूरा कर सके।
Immigration New Zealand के अनुसार इसके प्रमाण के लिए बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज दिए जा सकते हैं। केवल स्क्रीनशॉट स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए विद्यार्थियों को आवेदन से पहले वित्तीय दस्तावेज व्यवस्थित रखने होंगे।
यह शर्त इस बात की ओर भी संकेत करती है कि छह महीने का वीजा केवल नौकरी खोजने के लिए दिया जा रहा है, लेकिन सरकार यह मानकर नहीं चल रही कि आवेदक के पास आवेदन के समय ही नौकरी होगी। उसे अपने शुरुआती खर्चों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध रखना होगा।
क्या इस वीजा पर किसी भी कंपनी में काम कर सकते हैं?
नए वीजा की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में ओपन वर्क राइट्स शामिल हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार Short-Term Graduate Work Visa धारक न्यूजीलैंड में किसी भी कानूनी नौकरी में काम कर सकता है। उसे किसी एक नियोक्ता तक सीमित नहीं किया गया है।
हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि वीजा धारक बिना किसी नियम के कोई भी गतिविधि कर सकता है। काम किसी रोजगार समझौते या सेवा अनुबंध के तहत होना चाहिए। इसके अलावा व्यवसाय के मालिक के रूप में काम करना और कुछ प्रतिबंधित गतिविधियां इस वीजा की शर्तों में शामिल नहीं हैं। जिन पेशों में कानूनी occupational registration आवश्यक है, वहां संबंधित पंजीकरण भी जरूरी होगा।
यानी ‘ओपन वर्क वीजा’ का अर्थ रोजगार के मामले में अधिक लचीलापन है, लेकिन यह सभी कानूनों और पेशागत नियमों से छूट नहीं देता।
क्या छह महीने बाद वीजा बढ़ाया जा सकेगा?
यह सवाल भारतीय छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण हो सकता है। इसका उत्तर है—Short-Term Graduate Work Visa को बढ़ाया नहीं जा सकता।
Immigration New Zealand के अनुसार किसी व्यक्ति को यह वीजा केवल एक बार दिया जा सकता है। इसे एक्सटेंड नहीं किया जा सकता और इसी श्रेणी का दूसरा Short-Term Graduate Work Visa भी नहीं लिया जा सकता।
इसलिए छह महीने को स्थायी रूप से न्यूजीलैंड में रहने की गारंटी समझना सही नहीं होगा। यह एक संक्रमणकालीन अवधि है, जिसका उद्देश्य योग्य स्नातक को नौकरी तलाशने और आगे के उपयुक्त वीजा विकल्पों की दिशा में बढ़ने का अवसर देना है।
यदि कोई व्यक्ति न्यूजीलैंड में छह महीने के बाद भी रहना चाहता है तो उसे अपना वर्तमान वीजा समाप्त होने से पहले किसी अन्य उपयुक्त वीजा के लिए पात्रता पूरी करनी होगी और आवेदन करना होगा।
क्या Post-Study Work Visa में भी हुआ है बड़ा बदलाव?
नए छह महीने के वीजा के साथ न्यूजीलैंड ने Post-Study Work Visa की पात्रता में भी बदलाव किया है। ये बदलाव 16 नवंबर 2026 से लागू होने हैं।
सरकार के अनुसार NZQCF Level 7 Graduate Diploma पूरा करने वाले कुछ विद्यार्थी Post-Study Work Visa के लिए पात्र होंगे, यदि उनके पास bachelor’s degree भी है और उन्होंने न्यूजीलैंड में संबंधित Graduate Diploma को निर्धारित शर्तों के अनुसार पूर्णकालिक रूप से पूरा किया है।
यह बदलाव उन विद्यार्थियों के लिए खास महत्व रख सकता है जो सीधे पारंपरिक मास्टर डिग्री के बजाय Graduate Diploma के माध्यम से न्यूजीलैंड की शिक्षा प्रणाली में प्रवेश करते हैं।
हालांकि यहां भी शर्तें स्पष्ट हैं। केवल Graduate Diploma होना पर्याप्त नहीं है। डिग्री का स्तर, न्यूजीलैंड में अध्ययन की अवधि, पूर्णकालिक अध्ययन और पहले से उपलब्ध वीजा इतिहास जैसे पहलुओं को देखा जाएगा।
मास्टर डिग्री वालों के लिए क्या है व्यवस्था?
न्यूजीलैंड के मौजूदा और संशोधित Post-Study Work Visa ढांचे में उच्च स्तर की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए अलग प्रावधान हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार पात्र Postgraduate Diploma यानी Level 8 पूरा करने वालों को कुछ परिस्थितियों में एक वर्ष तक का Post-Study Work Visa मिल सकता है, जबकि पात्र Master’s degree यानी Level 9 पूरी करने वालों को तीन वर्ष तक का Post-Study Work Visa मिल सकता है। इसके लिए अध्ययन की न्यूनतम अवधि सहित अन्य निर्धारित शर्तें लागू होती हैं।
इसलिए भारतीय विद्यार्थियों को छह महीने वाले Short-Term Graduate Work Visa और Post-Study Work Visa को एक ही श्रेणी समझने से बचना चाहिए। दोनों के उद्देश्य और पात्रता अलग हैं।
किन छात्रों को छह महीने वाले वीजा की जरूरत पड़ सकती है?
नया Short-Term Graduate Work Visa मुख्य रूप से उन छात्रों के लिए एक वैकल्पिक रास्ता तैयार करता है जो न्यूजीलैंड में निर्धारित Level 5 से 7 की पात्र योग्यता पूरी करते हैं, लेकिन Post-Study Work Visa की शर्तें पूरी नहीं करते।
ऐसे विद्यार्थियों के लिए पहले पढ़ाई खत्म होने के बाद रोजगार तलाशने की अवधि सीमित हो सकती थी। नया विकल्प उन्हें छह महीने का खुला रोजगार अधिकार देता है।
यह अवधि किसी विद्यार्थी को स्थानीय रोजगार बाजार समझने, नौकरी के लिए आवेदन करने, इंटरव्यू देने और अपने कौशल के अनुरूप अवसर तलाशने का समय दे सकती है। यदि उसे आगे किसी अन्य वर्क वीजा के लिए योग्य रोजगार मिलता है तो वह उस विकल्प पर विचार कर सकता है।
क्या इस वीजा पर परिवार को साथ ले जा सकेंगे?
यहां भी छात्रों को नियमों को ध्यान से समझना होगा। Short-Term Graduate Work Visa के आवेदन में पति या पत्नी तथा आश्रित बच्चों को शामिल नहीं किया जा सकता।
हालांकि आधिकारिक नियमों के अनुसार वीजा धारक अपने पार्टनर या आश्रित बच्चों के लिए कुछ परिस्थितियों में visitor visa को सपोर्ट कर सकता है। बच्चे अपनी पात्रता के आधार पर international student के रूप में student visa के लिए आवेदन कर सकते हैं और पार्टनर अपने स्वतंत्र आधार पर वर्क वीजा के लिए आवेदन कर सकता है।
इसलिए परिवार के साथ न्यूजीलैंड जाने की योजना बना रहे छात्रों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि छह महीने का वर्क वीजा मिलते ही परिवार को स्वतः उसी वीजा के आधार पर काम या पढ़ाई की अनुमति मिल जाएगी।
वीजा मिलने के बाद कितनी पढ़ाई कर सकते हैं?
Short-Term Graduate Work Visa मुख्य रूप से रोजगार के लिए है, लेकिन कुछ सीमित अध्ययन की अनुमति भी है। आधिकारिक नियमों के अनुसार इस वीजा पर सामान्य रूप से 12 महीने की अवधि में तीन महीने तक पढ़ाई की जा सकती है। इससे अधिक अध्ययन के लिए अलग नियम या वीजा विकल्प की जरूरत पड़ सकती है।
इसलिए यदि कोई विद्यार्थी छह महीने के वीजा के दौरान आगे की पढ़ाई शुरू करना चाहता है, तो उसे पहले यह देखना होगा कि उसका प्रस्तावित कोर्स मौजूदा वीजा की शर्तों के अंतर्गत आता है या नहीं।
न्यूजीलैंड के लिए भी क्यों अहम है यह बदलाव?
यह नीति केवल छात्रों के हित से जुड़ी नहीं है। न्यूजीलैंड स्वयं अपनी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था को देश की कौशल जरूरतों और अर्थव्यवस्था से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
Immigration New Zealand ने कहा है कि नए और संशोधित पोस्ट-स्टडी वर्क विकल्पों का उद्देश्य स्नातक मार्गों को न्यूजीलैंड की skills needs के साथ बेहतर ढंग से जोड़ना है। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा क्षेत्र के विकास और ऐसे स्नातकों को आकर्षित करने की बात भी कही है जिनके पास उपयोगी कौशल हों।
Education New Zealand के अनुसार 2025 में न्यूजीलैंड के शिक्षा संस्थानों में कुल 92,580 अंतरराष्ट्रीय छात्र नामांकित थे, जो 2024 की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक थे। यह संख्या महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय शिक्षा क्षेत्र में जारी सुधार को दर्शाती है।
इस पृष्ठभूमि में नए वीजा विकल्प को न्यूजीलैंड की अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और कौशल नीति के व्यापक बदलाव के हिस्से के रूप में देखा जा सकता है।
भारतीय विद्यार्थियों को आवेदन से पहले किन बातों की जांच करनी चाहिए?
न्यूजीलैंड में पढ़ाई की योजना बना रहे या वहां पहले से अध्ययन कर रहे भारतीय छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे केवल ‘छह महीने का वर्क वीजा’ सुनकर निर्णय न लें। सबसे पहले यह जांचना जरूरी है कि उनका चुना हुआ कोर्स किस NZQCF स्तर पर है।
इसके बाद यह देखना होगा कि कोर्स कम से कम 24 सप्ताह पूर्णकालिक अध्ययन की शर्त पूरी करता है या नहीं, क्या वह Post-Study Work Visa के लिए पात्र है, क्या वह English language, foundation, bridging या micro-credential श्रेणी में तो नहीं आता और छात्र वीजा समाप्त होने के बाद आवेदन की तीन महीने की समय सीमा कैसे लागू होगी।
इसके अलावा आर्थिक प्रमाण, स्वास्थ्य और चरित्र संबंधी आवश्यकताओं तथा वास्तविक अध्ययन और रोजगार उद्देश्य से जुड़े नियमों को भी पूरा करना होगा।
पुराने और नए नियमों के बीच अंतर समझना क्यों जरूरी है?
विदेशी शिक्षा से जुड़ी नीतियां समय-समय पर बदलती रहती हैं। इसलिए इंटरनेट पर मौजूद पुराने लेखों या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर वीजा पात्रता तय करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
न्यूजीलैंड के आधिकारिक आव्रजन विभाग ने मई 2026 में ही नए Short-Term Graduate Work Visa और Post-Study Work Visa पात्रता के विस्तार की घोषणा की थी। सितंबर में विभाग ने इसके लागू होने की तारीख और विस्तृत शर्तों की पुष्टि की।
इसलिए 2026 में न्यूजीलैंड जाने वाले छात्रों के लिए पुराने पोस्ट-स्टडी वर्क नियमों की जगह 16 नवंबर 2026 से लागू होने वाले नए नियमों को देखना जरूरी होगा।छह महीने का मौका, लेकिन आगे की राह की गारंटी नहीं
नए वीजा को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह हो सकती है कि छह महीने का ओपन वर्क वीजा मिलने का अर्थ न्यूजीलैंड में लंबे समय तक रहने या स्थायी निवास का रास्ता स्वतः खुल जाना है। आधिकारिक नियम ऐसा कोई स्वचालित अधिकार नहीं देते।
यह वीजा अधिकतम छह महीने का है और इसे बढ़ाया नहीं जा सकता। इसके बाद न्यूजीलैंड में रहने के लिए अलग वीजा पात्रता पूरी करनी होगी।
इसलिए विद्यार्थियों के लिए छह महीने की अवधि को नौकरी तलाशने, कौशल के अनुरूप रोजगार हासिल करने और यदि पात्र हों तो आगे के वीजा विकल्पों की तैयारी के समय के रूप में देखना अधिक उचित होगा।
भारतीय छात्रों के लिए अवसर बढ़ा, लेकिन नियम समझना जरूरी
न्यूजीलैंड का नया Short-Term Graduate Work Visa अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए पोस्ट-स्टडी रोजगार की दिशा में एक नया विकल्प उपलब्ध कराता है। 16 नवंबर 2026 से शुरू होने वाला यह वीजा पात्र स्नातकों को छह महीने तक ओपन वर्क राइट्स देगा, जिससे वे न्यूजीलैंड में रोजगार तलाश सकेंगे और परिस्थितियों के अनुसार आगे के वर्क वीजा विकल्पों की ओर बढ़ सकेंगे।
भारतीय विद्यार्थियों के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत न्यूजीलैंड के अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बाजार में एक प्रमुख स्रोत देश है और दोनों देशों के बीच शिक्षा संबंधों में पिछले वर्षों में उल्लेखनीय गतिविधि रही है।
लेकिन इस खबर का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि यह
वीजा केवल भारतीय छात्रों के लिए नहीं है। पात्रता राष्ट्रीयता के बजाय न्यूजीलैंड में पूरी की गई योग्यता, अध्ययन की अवधि, Post-Study Work Visa की पात्रता, आर्थिक क्षमता और अन्य आव्रजन शर्तों पर आधारित है।
विद्यार्थियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि छह महीने का वीजा स्थायी रोजगार या स्थायी निवास की गारंटी नहीं है। यह एक सीमित अवधि का अवसर है। जिस विद्यार्थी की योग्यता Post-Study Work Visa के लिए उपयुक्त है, उसके लिए वह विकल्प अलग और कई मामलों में अधिक लंबी अवधि का हो सकता है। दूसरी ओर, जिन छात्रों को Post-Study Work Visa नहीं मिलता, उनके लिए नया छह महीने का विकल्प रोजगार बाजार में प्रवेश का अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराता है।
न्यूजीलैंड में पढ़ाई का निर्णय लेने वाले भारतीय छात्रों के लिए इसलिए केवल कॉलेज, फीस और कोर्स की जानकारी पर्याप्त नहीं होगी। कोर्स का NZQCF स्तर, पढ़ाई की अवधि, पोस्ट-स्टडी वर्क पात्रता और भविष्य के वीजा विकल्पों को भी शिक्षा योजना का हिस्सा बनाना होगा। नए नियमों के लागू होने के साथ न्यूजीलैंड ने छात्रों के लिए पढ़ाई और रोजगार के बीच एक नया रास्ता जरूर बनाया है, लेकिन इस रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए सही योग्यता और नियमों की पूरी जानकारी सबसे जरूरी होगी।






