
कन्नौज। हाईकोर्ट में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवती से कथित तौर पर 10 लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। सदर कोतवाली क्षेत्र के फूलपुर गांव की रहने वाली युवती ने तिर्वा क्षेत्र के एक दंपती समेत कुछ लोगों पर नौकरी लगवाने के नाम पर रकम लेने और बाद में पैसे वापस मांगने पर धमकी देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नौकरी की तलाश में मिली कथित बिचौलियों से जानकारी
शिकायत के अनुसार, युवती ने हाईकोर्ट में ‘सी’ श्रेणी की नौकरी के लिए आवेदन किया था। इसी दौरान गांव के इरशाद, मुस्ताक और इस्तिखार ने कथित तौर पर उसे बताया कि तिर्वा के अंबेडकर नगर मोहल्ले में रहने वाले डॉ. राजकुमार और उनकी पत्नी शालू विभागीय अधिकारियों से संपर्क के जरिए नौकरी लगवा सकते हैं।युवती का आरोप है कि इन लोगों की बातों पर भरोसा करते हुए उसने 18 फरवरी 2026 को डॉ. राजकुमार और उनकी पत्नी से मुलाकात की। शिकायत में दावा किया गया है कि दंपती ने हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने के एवज में 10 लाख रुपये मांगे और इसके लिए आश्वासन दिया।
तीन से चार किस्तों में देने का दावा, शैक्षणिक दस्तावेज भी लिए
पीड़िता के मुताबिक, नौकरी की उम्मीद में उसने तीन से चार बार में कुल 10 लाख रुपये दिए। शिकायत में कुछ रकम ऑनलाइन माध्यम से दिए जाने की बात भी कही गई है। आरोप है कि इस दौरान उसके शैक्षणिक दस्तावेज भी ले लिए गए।शिकायत के अनुसार, रकम लेने के बाद आरोपियों ने करीब तीन महीने के भीतर नौकरी लगवाने की बात कही थी। युवती का कहना है कि निर्धारित समय बीतने के बाद जब उसने संपर्क करने का प्रयास किया तो डॉ. राजकुमार का मोबाइल बंद मिला।
रकम वापस मांगने पर मुकदमे में फंसाने की धमकी का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि बाद में उसने शालू के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। इसी दौरान डॉ. राजकुमार से भी उसकी बातचीत हुई। युवती का दावा है कि नौकरी नहीं लगने और रकम वापस मांगने पर उसे कथित तौर पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
थाने से राहत नहीं मिली तो एसपी के पास पहुंची युवती
शिकायत के मुताबिक, युवती मामले की शिकायत लेकर तिर्वा कोतवाली पहुंची और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि वहां तत्काल कार्रवाई नहीं होने पर उसने पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया।इसके बाद पुलिस अधीक्षक के आदेश पर तिर्वा कोतवाली पुलिस ने डॉ. राजकुमार और उनकी पत्नी शालू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की विवेचना में कथित तौर पर दी गई रकम, ऑनलाइन भुगतान, शैक्षणिक दस्तावेजों और नौकरी दिलाने के वादे से जुड़े साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।






