
संवाद 24 फर्रुखाबाद। कादरी गेट थाना क्षेत्र की गंगानगर कॉलोनी में ई-रिक्शा चालक आकाश कश्यप उर्फ महाराम की हत्या के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से मृतक के परिजनों में आक्रोश है। इसको लेकर राष्ट्रीय पीडीए सेना नामक संगठन और मृतक के परिजनों ने नगर मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम मांग पत्र सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
29 अगस्त 2026 को गंगानगर कॉलोनी निवासी आकाश कश्यप की घर में घुसकर लाठी-डंडों से कथित तौर पर हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मामले में 21 से अधिक लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही गई है। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुरानी रंजिश और मुकदमा वापस लेने का दबाव बना वजह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और एक मामले को वापस लेने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका को लेकर पुलिस जांच जारी है।
घटना के कई दिन बाद भी मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजनों और संगठन के लोगों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे मृतक के परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।
परिवार को धमकी देने का आरोप
मांग पत्र में मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कुछ आरोपी लगातार परिवार को जान-माल की धमकी दे रहे हैं। परिवार को मोहल्ले में न रहने देने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि हत्या की घटना के बाद परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी होने तक परिवार के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
थाना प्रभारी को हटाने की मांग
ज्ञापन में कादरी गेट थाना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं। परिजनों और संगठन की ओर से आरोप लगाया गया है कि पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है। इसी आधार पर थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग की गई है।
हालांकि पुलिस पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से मामले में की गई अब तक की कार्रवाई और गिरफ्तारी की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
गैंगस्टर एक्ट और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि हत्या में कई लोगों की संलिप्तता सामने आने के कारण मुकदमे की धाराओं की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार उनमें बदलाव किया जाए और सभी नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। संगठन ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने की भी मांग की है। इसके अलावा पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग रखी गई है।
मृतक के परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ज्ञापन में आवास के लिए पट्टा, पेंशन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। परिजनों ने सरकार से एक करोड़ रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग रखी है। ज्ञापन में परिवार के छोटे बच्चों और विधवा परिजन का हवाला देते हुए सरकार से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की अपील की गई है। संगठन का कहना है कि परिवार को न्याय मिलने के साथ उसकी सुरक्षा और आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए भी प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
फिलहाल पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर परिजनों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। परिवार और संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और सुरक्षा संबंधी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।






