कश्मीर से महाराष्ट्र और बंगाल तक नया न्यायिक नक्शा: केंद्र ने 8 हाईकोर्ट्स को दिए नए चीफ जस्टिस

संवाद 24 नई दिल्ली। देश की न्यायिक व्यवस्था में शीर्ष स्तर पर एक व्यापक फेरबदल देखने को मिला है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिशों पर त्वरित मुहर लगाते हुए देश के आठ प्रमुख उच्च न्यायालयों (High Courts) में नए मुख्य न्यायाधीशों (Chief Justices) की नियुक्ति का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा करते हुए सभी नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीशों को नई संवैधानिक जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं।
यह कदम लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों को भरने और विभिन्न राज्यों में लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को गति देने की दिशा में बेहद निर्णायक माना जा रहा है। कॉलेजियम द्वारा भेजी गई अनुशंसाओं को सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद अब कश्मीर घाटी से लेकर महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल तक न्यायपालिका का शीर्ष प्रशासनिक ढांचा नए सिरे से सक्रिय हो गया है।

कॉलेजियम की अनुशंसा पर सरकार की त्वरित मुहर
भारतीय न्यायपालिका में उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों का चयन सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले वरिष्ठ न्यायाधीशों के कॉलेजियम द्वारा किया जाता है। हाल ही में कॉलेजियम ने गहन मंथन के बाद विभिन्न हाईकोर्ट के वरिष्ठ जजों को पदोन्नत कर दूसरे राज्यों में मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की औपचारिक स्वीकृति के बाद केंद्रीय विधि मंत्रालय ने इन सभी नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च न्यायालयों में पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश होने से न केवल न्यायिक पीठों के गठन में पारदर्शिता आती है, बल्कि जिला अदालतों की निगरानी, बुनियादी ढांचे के विकास और जजों की रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया भी तेज होती है।

इन 8 उच्च न्यायालयों को मिले नए मुखिया
केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार जिन आठ उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की तैनाती की गई है, उनका विवरण इस प्रकार है:
1- पटना उच्च न्यायालय: दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वल्लुरी कामेश्वर राव को पदोन्नत कर पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
2- कलकत्ता उच्च न्यायालय: बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस रवींद्र वी. घुगे को ऐतिहासिक कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
3- बॉम्बे उच्च न्यायालय: इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कार्यरत जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को देश के सबसे महत्वपूर्ण वाणिज्यिक और विधिक केंद्रों में से एक बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
4- राजस्थान उच्च न्यायालय: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वरिष्ठ जज जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है।
5- पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय: जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा को पदोन्नत करते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
6- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय: ओडिशा उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस कृष्णा राम मोहापात्रा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की कमान दी गई है।
7- मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय: गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस अलपेश यशवंत कोग्जे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है।
8- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय: राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।

प्रशासनिक संतुलन और न्यायिक गति की उम्मीद
संविधान के तहत किसी भी उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश केवल न्यायिक पीठ की अध्यक्षता ही नहीं करता, बल्कि वह संबंधित राज्य के पूरे न्यायिक प्रशासन का संरक्षक भी होता है। अलग-अलग राज्यों से अनुभवी न्यायाधीशों का अन्य राज्यों में मुख्य न्यायाधीश के तौर पर स्थानांतरण भारतीय न्यायपालिका की राष्ट्रीय अखंडता और निष्पक्षता को मजबूत करता है। हाल के वर्षों में देश की विभिन्न अदालतों में लंबित मुकदमों की बढ़ती संख्या एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इलाहाबाद, बॉम्बे, कलकत्ता और पटना जैसे विशाल अधिकार क्षेत्र वाले उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों के कार्यभार संभालने से प्रशासनिक गतिशीलता में सुधार होने की उम्मीद है। संबंधित राज्यों के राज्यपाल शीघ्र ही नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीशों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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