
कन्नौज। जिले के ठठिया में भारी बारिश के बीच जलनिकासी की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी संपर्क मार्ग से जुड़ी खंती पर कब्जे के कारण बारिश का पानी स्वाभाविक रूप से निकल नहीं पा रहा है। इसके चलते लोगों के घरों के साथ-साथ आसपास के स्कूलों में भी पानी भरने की स्थिति बन गई है। कन्नौज के तिर्वा क्षेत्र में लगातार बारिश से जलभराव की समस्या सामने आने की अन्य रिपोर्टें भी प्रकाशित हुई हैं।
चकमार्ग के किनारे थी करीब 40 फीट चौड़ी खंती, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीण पंकज पाठक, जितेन्द्र समेत अन्य लोगों के मुताबिक उनके मकान के पास राजस्व अभिलेखों में सरकारी चकमार्ग दर्ज है। ग्रामीणों का दावा है कि इस मार्ग की चौड़ाई करीब 40 फीट है और पहले ब्लॉक प्रमुख निधि से लगभग 10 फीट की इंटरलॉकिंग सड़क बनाकर छोड़ दी गई थी। उनका आरोप है कि शेष करीब 30 फीट हिस्से में बनी खंती को पाटकर उसे खेत में मिला लिया गया।ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में बारिश का पानी खेतों से होकर आगे निकल जाता था, लेकिन खंती बंद होने के बाद पानी की निकासी प्रभावित हो गई है। यही वजह है कि लगातार बारिश के दौरान पानी आबादी की ओर जमा होने लगा।
खंती बंद हुई तो घरों की नींव पर मंडराने लगा खतरा
जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों की चिंता अब केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक पानी लंबे समय तक जमा रहने से मकानों की नींव कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है। कच्चे मकानों के साथ पक्के भवनों में भी पानी टपकने और सीलन की समस्या सामने आने की बात कही गई है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो लगातार बारिश की स्थिति में मकानों को नुकसान पहुंच सकता है।
स्कूलों तक पहुंचा पानी, बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
जलनिकासी बाधित होने का असर केवल घरों तक नहीं बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार आसपास के स्कूलों में भी पानी भर रहा है। इससे बच्चों और शिक्षकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा स्कूल परिसरों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों का आरोप—खेत में मिला दी गई सरकारी जमीन
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चकमार्ग की खंती को मिट्टी डालकर बंद करने के बाद उसका हिस्सा खेत में मिला लिया गया। हालांकि, यह आरोप अभी ग्रामीणों के दावे के रूप में ही सामने आया है। जमीन की वास्तविक स्थिति, राजस्व अभिलेखों में दर्ज सीमा और कथित कब्जे की पुष्टि मौके के राजस्व निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
बारिश ने बढ़ाई समस्या, प्रशासन के सामने जलनिकासी बहाल करने की चुनौती
पिछले दिनों कन्नौज के तिर्वा क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख मार्गों और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की खबरें सामने आई हैं। इससे यह मामला केवल एक परिवार या एक रास्ते की समस्या न रहकर ग्रामीण जलनिकासी व्यवस्था से भी जुड़ता दिखाई देता है।ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर राजस्व अभिलेखों के आधार पर रास्ते और खंती की वास्तविक स्थिति की जांच करे, यदि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण या जलनिकासी बाधित किए जाने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए और पानी की निकासी तत्काल बहाल कराई जाए।
अब जांच पर टिकी नजर, आरोप सही निकले तो होगी कार्रवाई?
फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज चकमार्ग और मौके की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है और क्या वास्तव में खंती को पाटकर जलनिकासी का रास्ता बंद किया गया है। इसका स्पष्ट उत्तर प्रशासनिक पैमाइश और जांच के बाद ही सामने आएगा।






