पुलिस की कार से टकराई ब्रेजा तो खुला करोड़ों के सोने का राज, कन्नौज में 10.026 किलो सोना बरामद

कन्नौज। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एक सड़क हादसा उस समय बड़े मामले में बदल गया, जब पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ब्रेजा कार की तलाशी ली। कार से सोने की 10 ईंटें बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार बरामद सोने का वजन 10 किलो 26 ग्राम है और इसकी अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ 39 लाख रुपये बताई गई है। मामले में दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद सोने की तस्करी के संभावित नेटवर्क की जांच कस्टम विभाग को सौंप दी गई है।

हादसा बना सुराग, पुलिस की नजर कार पर पड़ी

मामला तालग्राम थाना क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निकवा के पास का है। पुलिस के मुताबिक, सकरावा थाना पुलिस की टीम कांवड़ यात्रा की ड्यूटी से लौट रही थी। इसी दौरान एक ब्रेजा कार ने पुलिस की सरकारी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार सवार युवकों ने आगे निकलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया और वाहन की तलाशी ली।तलाशी के दौरान कार में रखे बैग से सोने की 10 ईंटें मिलीं। प्रारंभिक जांच में सोने की शुद्धता 24 कैरेट बताई गई है। कन्नौज पुलिस की ओर से जारी जानकारी में बरामद सोने का वजन 10.026 किलोग्राम बताया गया है।

दो युवक हिरासत में, दस्तावेज न मिलने पर बढ़ा संदेह

पुलिस ने कार सवार दोनों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनकी पहचान संदीप जायसवाल, निवासी महाराजगंज क्षेत्र और सरोज पंत, नेपाल के पाल्पा जिले के निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने सोने से संबंधित बिल और वैध दस्तावेजों के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन दस्तावेजों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इसी के बाद मामले में तस्करी की आशंका को गंभीरता से लिया गया।

नेपाल से गोरखपुर और फिर दिल्ली तक पहुंचाने की आशंका

प्रारंभिक पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि सोने की खेप गोरखपुर से दिल्ली ले जाई जा रही थी। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या सोना नेपाल के रास्ते भारत में लाया गया था। कुछ रिपोर्टों में नेपाल के रास्ते सोने की खेप भारत आने की आशंका जताई गई है, हालांकि इसका अंतिम सत्यापन कस्टम जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

17 अगस्त को 3 किलो सोना दिल्ली पहुंचाने के दावे की भी होगी जांच

पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी भी सामने आई है कि इससे पहले 17 अगस्त को करीब 3 किलो सोना दिल्ली पहुंचाया गया था। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। कस्टम विभाग इस जानकारी को भी जांच के दायरे में लेकर पिछली खेप, संभावित डिलीवरी नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर सकता है।

कस्टम और जीएसटी टीम ने संभाली जांच

सोने की बरामदगी के बाद मामले की जानकारी संबंधित विभागों को दी गई। जीएसटी और कस्टम विभाग की टीमों ने बरामद सोने तथा उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, यदि जांच में विदेशी स्रोत या सीमा पार से सोना लाए जाने की पुष्टि होती है तो कस्टम कानूनों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, देश के भीतर तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधि से जुड़े तथ्य सामने आने पर पुलिस भी अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।

सोने की खेप के पीछे कौन? अब नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

इस मामले की सबसे अहम कड़ी अब यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना कहां से आया, किसके निर्देश पर गोरखपुर पहुंचा और दिल्ली में किस व्यक्ति या नेटवर्क को सौंपा जाना था। जांच एजेंसियां संभावित फाइनेंसर, सप्लायर, डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति और इस पूरी आवाजाही में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।कन्नौज पुलिस की कार्रवाई ने करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की सोने की खेप को पकड़ने के साथ-साथ एक संभावित अंतरराज्यीय अथवा सीमा-पार नेटवर्क की ओर भी जांच का रास्ता खोल दिया है।

Shivpratap Singh
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