दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने परिसीमन, नीट और कावेरी जल बंटवारे का मुद्दा उठाया

संवाद 24 डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में महाबलीपुरम में 31वीं दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद (Southern Zonal Council) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दक्षिण भारतीय राज्यों के विकास, अंतर्राज्यीय समन्वय और क्षेत्रीय चिंताओं से जुड़े कई प्रशासनिक विषयों पर चर्चा हुई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने बैठक में हिस्सा लेते हुए केंद्र सरकार के समक्ष राज्य से जुड़े प्रमुख नीतिगत मामले रखे, जिनमें संसदीय परिसीमन, चिकित्सा शिक्षा प्रवेश परीक्षा (NEET) और कावेरी जल बंटवारा शामिल रहे।

परिसीमन प्रक्रिया पर चिंता और प्रतिनिधित्व की सुरक्षा
बैठक के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने आगामी संसदीय परिसीमन (Delimitation) को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दक्षिण के राज्यों ने राष्ट्रीय जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों और सामाजिक विकास नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू किया है।
1- प्रतिनिधित्व का संतुलन: उन्होंने आग्रह किया कि जनसंख्या के आधार पर होने वाले संभावित परिसीमन के कारण दक्षिणी राज्यों की संसद में हिस्सेदारी कम नहीं होनी चाहिए।
2- संवैधानिक आश्वासन की मांग: मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से इस बात की गारंटी देने का अनुरोध किया कि जिन राज्यों ने जनसंख्या स्थिरीकरण में सफलता प्राप्त की है, उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व के अनुपात को सुरक्षित रखा जाए ताकि संघीय ढांचा मजबूत बना रहे।

नीट परीक्षा से छूट और 12वीं के अंकों के आधार पर प्रवेश की मांग
चिकित्सा शिक्षा के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) से राज्य को छूट दिए जाने का विषय उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि और राज्य बोर्ड से पढ़े छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूर्व व्यवस्था को बहाल किया जाना चाहिए। इसके तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर दिए जाने की अनुमति की मांग की गई।

कावेरी नदी जल बंटवारा और अंतर्राज्यीय सहयोग
कावेरी नदी जल विवाद पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने तय दिशा-निर्देशों और जल आवंटन नियमों के पूर्ण अनुपालन पर जोर दिया ताकि किसानों की कृषि जरूरतों को समय पर पूरा किया जा सके।
इसके अलावा बैठक में निम्नलिखित अंतर्राज्यीय विषयों पर भी बातचीत हुई:
1- तटीय सुरक्षा और नशा रोकथाम: तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा को मजबूत करने और नशीली दवाओं की तस्करी पर रोक लगाने के लिए राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल।
2- आपदा प्रबंधन: प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समय पर सहायता और राहत कार्यों के लिए संयुक्त समन्वय तंत्र की स्थापना।
3- ब्लू इकोनॉमी: समुद्री संसाधनों के सतत विकास और तटीय अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अंतर्राज्यीय साझेदारी।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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