
ठठिया। सावन के पावन माह में सोमवार को ठठिया में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। प्राचीन Indreshwar Nath Temple से भगवान भोलेनाथ की तीसरी भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। महाकाल सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में हजारों की संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। इंद्रेश्वरनाथ मंदिर ठठिया-तिर्वा मार्ग पर स्थित क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक स्थल है और यहां धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रहती है।
मंदिर से निकली पालकी, नगर भ्रमण के दौरान उमड़ा जनसैलाब
भगवान भोलेनाथ की पालकी को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मंदिर से रवाना किया गया। यात्रा ठठिया नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए मनीमऊ चौराहे तक पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। पालकी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा माहौल शिवभक्ति से ओतप्रोत नजर आया।
तीसरी पालकी यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
महाकाल सेवा समिति द्वारा लगातार तीसरी बार आयोजित की गई इस पालकी यात्रा को लेकर शिवभक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने यात्रा को भव्य स्वरूप प्रदान किया। भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालु यात्रा के साथ चलते रहे और धार्मिक वातावरण में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।सावन में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है और उत्तर भारत में इस दौरान विभिन्न स्थानों पर शिवभक्तों की धार्मिक यात्राएं आयोजित होती हैं।
सुरक्षा को लेकर पुलिस रही अलर्ट
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रखी थी। ठठिया थाना अध्यक्ष संजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे। पुलिसकर्मियों ने यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने पर नजर रखी, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। कन्नौज जिले में धार्मिक आयोजनों के दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पहले भी सक्रिय रहा है।
संत और शिवभक्त रहे मौजूद
पालकी यात्रा में संत मधुराम शरण शिवा की भी उपस्थिति रही। इसके साथ ही ठठिया मंडल अध्यक्ष राजन अवस्थी, सुनीत अग्निहोत्री, उमेश बाजपेयी, विक्की ठाकुर मदन अग्निहोत्री शुभम कटियार सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त एवं स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे।तीसरी पालकी यात्रा के सफल आयोजन के साथ ठठिया में एक बार फिर धार्मिक आस्था, सामाजिक सहभागिता और शिवभक्ति का संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया।






