
फतेहगढ़ स्टेडियम में शनिवार सुबह आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहे 18 वर्षीय युवक के साथ करंट लगने की घटना से हड़कंप मच गया। स्टेडियम परिसर में लगी ग्रिल में कथित तौर पर करंट उतर आया था। ग्रिल पकड़ते ही रायपुर निवासी आयुष पाल करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तत्काल लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया।
माइक की कटी लीड बनी हादसे की वजह
परिजनों के अनुसार, शनिवार को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के चलते स्टेडियम में माइक और अन्य विद्युत उपकरण लगाए गए थे। इसी दौरान माइक की एक कटी हुई लीड ग्रिल पर रखी हुई थी। आरोप है कि लीड में कट होने के कारण विद्युत प्रवाह ग्रिल में पहुंच गया। आयुष ने जैसे ही ग्रिल को हाथ लगाया, उसे तेज करंट लगा और वह चीखने लगा।
भाई और साथियों ने किसी तरह छुड़ाया
आयुष अपने भाई मोहित के साथ नियमित रूप से फतेहगढ़ स्टेडियम में दौड़ लगाने आता है। घटना के समय आसपास मौजूद युवकों और उसके भाई ने किसी तरह आयुष को ग्रिल के संपर्क से अलग किया। करंट लगने के बाद उसकी हालत गंभीर बताई गई।
निजी वाहन से पहुंचाया गया अस्पताल
घायल आयुष को आनन-फानन में निजी वाहन से लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण उसे आगे के उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका उपचार जारी है।
स्टेडियम में खड़ी थी एंबुलेंस, फिर भी निजी वाहन से ले जाना पड़ा
आयुष के साथ मौजूद युवकों ने स्टेडियम की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि परिसर में एंबुलेंस खड़ी थी, लेकिन उसके पास कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। उनका कहना है कि घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए उन्हें निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा। इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
विद्युत पोल में भी हुआ फॉल्ट, जलने लगी केबल
घटना के दौरान स्टेडियम परिसर में लगे एक विद्युत पोल में भी शॉर्ट सर्किट से फॉल्ट होने की बात सामने आई। इसके बाद केबल जलने लगी। सूचना मिलने पर विद्युत निगम के अधिकारियों को जानकारी दी गई, जिसके बाद विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई।
फर्रुखाबाद जिला प्रशासन की आधिकारिक निर्देशिका में जिले के विद्युत विभाग और फतेहगढ़ क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्रों के संपर्क विवरण उपलब्ध हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से खुले परिसर में अस्थायी रूप से बिछाई गई विद्युत और साउंड सिस्टम की केबलों को सुरक्षित तरीके से रखना जरूरी है, ताकि किसी धातु की संरचना में करंट न पहुंचे और लोगों के संपर्क में आने से हादसा न हो।
फर्रुखाबाद में इससे पहले भी विद्युत सुरक्षा से जुड़े हादसे सामने आ चुके हैं। जून 2026 में मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में करंट लगने से एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत की घटना रिपोर्ट हुई थी। वहीं अप्रैल 2026 में जिले के एक स्टेडियम के हाईटेंशन विद्युत लाइनों के नीचे बनाए जाने को लेकर भी सुरक्षा संबंधी सवाल उठाए गए थे।
जांच के बाद स्पष्ट होगी लापरवाही की स्थिति
आयुष को करंट किस विद्युत लाइन या उपकरण से लगा और ग्रिल में विद्युत प्रवाह पहुंचने की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल घटना के बाद विद्युत आपूर्ति बंद कराए जाने से किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई। हादसे ने स्टेडियम में कार्यक्रमों के दौरान विद्युत कनेक्शन, साउंड सिस्टम की वायरिंग और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की पर्याप्तता पर ध्यान देने की जरूरत जरूर सामने ला दी है।






