
सावन में गंगाजल भरने के लिए पांचाल घाट पहुंचे कांवड़ियों के जत्थे के बीच शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गंगा स्नान के दौरान लखीमपुर खीरी निवासी कांवड़िया पवन पाल गहरे पानी में डूबने के बाद लापता हो गया। घटना के बाद स्थानीय गोताखोरों ने तत्काल तलाश शुरू की, लेकिन शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इस दौरान घाट पर अलग-अलग घटनाओं में गंगा में डूब रहे नौ अन्य कांवड़ियों को भी गोताखोरों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
करीब 50 लोगों के साथ पांचाल घाट पहुंचा था पवन
जानकारी के अनुसार लखीमपुर खीरी के गांव अत्तेपुर निवासी पवन पाल करीब 50 लोगों के साथ गंगाजल भरने के लिए पांचाल घाट पहुंचा था। सभी कांवड़ियों को गंगाजल लेकर गोला गोकर्णनाथ जाना था। शनिवार सुबह पवन अपने साथी कौशल, मोहित और आकाश के साथ गंगा में स्नान कर रहा था। इसी दौरान वह और उसका एक साथी अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे।
एक साथी को बचाया, पवन गहराई में हुआ लापता
दोनों के डूबने की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद गोताखोरों ने तत्काल गंगा में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया। गोताखोरों ने पवन के साथी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन पवन गहरे पानी में चला गया और उसका पता नहीं चल सका। सूचना मिलने के बाद घाट पर मौजूद लोगों और कांवड़ियों में चिंता फैल गई।
एक किलोमीटर के दायरे में तलाश, फिर भी नहीं मिला सुराग
पवन के लापता होने के बाद गोताखोरों ने गंगा में व्यापक स्तर पर खोजबीन शुरू की। शनिवार शाम करीब पांच बजे तक लगभग एक किलोमीटर के दायरे में उसकी तलाश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। गोताखोरों की मदद से पवन की तलाश लगातार जारी रही।
घाट पर नौ अन्य कांवड़ियों की भी बची जान
पांचाल घाट पर शनिवार को डूबने की अलग-अलग घटनाओं में नौ अन्य कांवड़ियों की जान भी खतरे में पड़ गई। घाट पर तैनात गोताखोरों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सभी नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इससे एक बड़े हादसे को टालने में सफलता मिली।
पांचाल घाट फर्रुखाबाद के प्रमुख और ऐतिहासिक गंगा घाटों में शामिल है, जहां धार्मिक अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िये पहुंचते हैं। जिला प्रशासन की वेबसाइट भी पांचाल घाट को जिले का प्रमुख प्राचीन गंगा घाट बताती है।
बैरिकेडिंग के बावजूद गहरे पानी से खतरा
पांचाल घाट चौकी प्रभारी हरिकेश कुमार के अनुसार घाट पर बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा व्यवस्था के लिए गोताखोर भी मौजूद हैं। इसके बावजूद गंगा में निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र से आगे जाकर स्नान करना श्रद्धालुओं के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है। इससे पहले भी पांचाल घाट पर गंगा स्नान के दौरान युवकों के गहरे पानी में जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें गोताखोरों ने समय रहते कई लोगों को सुरक्षित निकाला था।
परिवार में चिंता, तलाश जारी
पवन पाल दो भाइयों में बड़ा बताया जा रहा है। उसके पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। गंगा में उसके लापता होने की सूचना के बाद परिवार में चिंता का माहौल है। फिलहाल गोताखोरों द्वारा उसकी तलाश जारी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि लापता कांवड़िया कब तक बरामद होता है।
सावन में गंगा घाटों पर सुरक्षा बनी चुनौती
सावन के दौरान पांचाल घाट पर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में गंगा के गहरे पानी और तेज बहाव वाले हिस्सों में जाने से हादसे का खतरा बना रहता है। पिछले वर्षों में भी पांचाल घाट पर डूबने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं से बैरिकेडिंग के भीतर निर्धारित सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील महत्वपूर्ण हो जाती है।






