तिर्वा तहसील में लेखपालों का कार्य बहिष्कार, तहसीलदार के तबादले की मांग पर धरना; राजस्व कामकाज प्रभावित

कन्नौज/तिर्वा। तिर्वा तहसील में तहसीलदार अवनीश कुमार की कार्यशैली को लेकर लेखपालों का विरोध मंगलवार को खुलकर सामने आ गया। तहसील के लेखपालों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू करते हुए तहसीलदार के साथ काम नहीं करने का निर्णय लिया है। लेखपालों ने तहसीलदार के स्थानांतरण की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया है, जिसके चलते तहसील के राजस्व संबंधी कामकाज पर असर पड़ने लगा है।

चार दिन पहले दिया था ज्ञापन, 10 अगस्त तक का दिया था अल्टीमेटम

लेखपालों के मुताबिक, उन्होंने करीब चार दिन पहले जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तहसीलदार अवनीश कुमार के स्थानांतरण की मांग की थी। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी गई थी कि यदि 10 अगस्त तक उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन शुरू करेंगे। तय समय सीमा में स्थानांतरण नहीं होने के बाद मंगलवार सुबह लेखपाल एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।

तहसीलदार पर उत्पीड़न के आरोप

लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष अभिषेक यादव ने तहसीलदार पर लेखपालों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसीलदार के कार्यालय में दिनभर उनके समाज से जुड़े लोगों की भीड़ लगी रहती है। लेखपाल संघ का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में उनके लिए तहसीलदार के साथ काम करना मुश्किल हो गया है।हालांकि, लेखपालों की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर तहसीलदार या प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

भूलेख अनुभाग बंद होने से किसान परेशान

लेखपालों के कार्य बहिष्कार का सीधा असर तहसील आने वाले किसानों और आम लोगों पर पड़ रहा है। विरोध के चलते भूलेख अनुभाग में भी कामकाज प्रभावित रहा। इससे खतौनी समेत राजस्व अभिलेखों से संबंधित जरूरी कार्यों के लिए तहसील पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व संबंधी कार्य पहले से ही समय मांगते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के आंदोलन के कारण काम रुकने से उन्हें दोहरी परेशानी उठानी पड़ रही है।

आंदोलन में कई लेखपाल रहे मौजूद

धरना प्रदर्शन के दौरान लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष अभिषेक यादव के अलावा सद्दाम हुसैन, शोभित कटियार, विवेक पाल, अनीस खान समेत कई लेखपाल मौजूद रहे। लेखपालों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रह सकता है।अब पूरे मामले में प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर है। लेखपालों की मांग, तहसीलदार का पक्ष और जिलाधिकारी स्तर से होने वाली कार्रवाई ही यह तय करेगी कि तिर्वा तहसील में चल रहा गतिरोध कब समाप्त होता है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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