
कन्नौज के ठठिया थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच में नया मोड़ आया है। सठियापुर गांव निवासी छात्र सत्यम पुत्र रामकिशन ने ठठिया में संचालित एक कोचिंग सेंटर के संचालक पर पैसे लेकर नौकरी दिलाने का आरोप लगाया था। शिकायत के साथ एक कथित नियुक्ति पत्र भी पुलिस को दिया गया। हालांकि, पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता अब तक ऐसे ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका है, जिनके आधार पर आरोपों की पुष्टि हो सके।
विकास भवन में नौकरी का झांसा देने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विकास भवन में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे रकम ली गई और बाद में नियुक्ति पत्र भेजा गया। जांच के दौरान सामने आया नियुक्ति पत्र कथित तौर पर फर्जी बताया गया है। मामले में कोचिंग संचालक की भूमिका को लेकर शिकायत की गई, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित पक्षों से साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा है।
कोचिंग संचालक ने बताई अलग कहानी
कोचिंग सेंटर संचालक ने आरोपों से इनकार करते हुए बताया कि शिकायतकर्ता सत्यम उनके सेंटर पर कोचिंग करता था। इसी दौरान एक महिला सेंटर पर पहुंची और उसने विकास भवन में ऑपरेटर पद पर नौकरी लगवाने का दावा किया। संचालक के अनुसार, महिला ने प्रत्येक छात्र से 30 हजार रुपये की मांग की थी।
संचालक का कहना है कि उन्होंने छात्रों को सलाह दी थी कि नियुक्ति पत्र मिलने के बाद ही रकम दी जाए। इसके बावजूद छात्रों की ओर से पैसे जमा किए गए और बाद में महिला द्वारा कथित नियुक्ति पत्र भेजे जाने लगे।
संचालक का दावा—फर्जी नियुक्ति पत्र की जानकारी खुद दी
कोचिंग संचालक के मुताबिक, जब उन्हें नियुक्ति पत्रों के फर्जी होने की जानकारी हुई तो उन्होंने छात्रों को इसकी सूचना दी और जमा रकम वापस कराने की प्रक्रिया में मदद की। उनका दावा है कि उन्होंने छात्रों को ठगी से बचाने का प्रयास किया, जबकि शिकायतकर्ता उन्हें किसी के कहने पर मामले में फंसाने की कोशिश कर रहा है।
व्हाट्सऐप चैट भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान शिकायतकर्ता और कोचिंग संचालक के बीच हुई कथित व्हाट्सऐप बातचीत भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बातचीत में संचालक ने सत्यम को भेजे गए नियुक्ति पत्र को फर्जी बताते हुए उसके बचे हुए पांच हजार रुपये वापस करने की बात कही थी। संचालक का कहना है कि यह बातचीत शिकायत दर्ज होने से करीब छह महीने पहले की है।
पुलिस बोली—ठोस सबूत मिलने पर होगी कार्रवाई
ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। शिकायतकर्ता की ओर से अभी तक आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि नौकरी के नाम पर पैसे लेने या धोखाधड़ी में किसी व्यक्ति की संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कौन सच बोल रहा है, जांच पूरी होने के बाद होगा साफ
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। छात्र ने कोचिंग संचालक पर नौकरी के नाम पर पैसे लेने का आरोप लगाया है, जबकि संचालक खुद को मामले में निर्दोष बताते हुए कथित फर्जी नियुक्ति पत्र की जानकारी छात्रों को देने और रकम वापस कराने की बात कह रहा है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।






