तिर्वा में बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल, ठठिया चौराहा बना तालाब

तिर्वा कस्बे में शनिवार सुबह हुई बारिश ने जलनिकासी व्यवस्था की खामियों को एक बार फिर उजागर कर दिया। ठठिया चौराहा और आसपास की गलियों में बारिश का पानी भरने से सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगीं। जलभराव के कारण स्थानीय दुकानदारों, ग्राहकों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

ठठिया चौराहे पर दुकानों के सामने भरा पानी

बारिश के बाद ठठिया चौराहे पर दुकानों के सामने काफी मात्रा में पानी जमा हो गया। ग्राहकों के लिए दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया, जबकि दुकानदार भी जलभराव के कारण परेशान दिखाई दिए। आसपास के मोहल्लों में जाने वाली गलियों में भी पानी भर गया, जिससे लोगों को इसी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।

बारिश थमने के बाद भी जलनिकासी बनी चुनौती

स्थानीय लोगों का कहना है कि तिर्वा में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या नई नहीं है। पिछले वर्षों में भी बारिश के दौरान कस्बे की प्रमुख सड़कों और गलियों में जलभराव की खबरें सामने आती रही हैं। सितंबर 2024 में भी लगातार बारिश के कारण तिर्वा-कन्नौज, तिर्वा-गुरसहायगंज, तिर्वा-ठठिया और तिर्वा-बेला मार्ग के कई हिस्सों में पानी भरने की सूचना सामने आई थी।

नाला और पुलिया जाम होने का आरोप

दुर्गा नगर के सभासद सत्येंद्र कुशवाहा ने जलभराव के पीछे उचित जलनिकासी व्यवस्था के अभाव को प्रमुख कारण बताया। उनका कहना है कि तिर्वा-कन्नौज मार्ग पर बना नाला और पुलिया जाम होने के कारण बारिश का पानी तेजी से बाहर नहीं निकल पाता। परिणामस्वरूप थोड़ी देर की बारिश में ही सड़क और आसपास के इलाकों में पानी जमा हो जाता है।

नाला-पुलिया की सफाई की मांग

सभासद ने प्रशासन से तिर्वा-कन्नौज मार्ग के नाले और पुलिया की तत्काल सफाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जलनिकासी के रास्तों की नियमित सफाई और आवश्यक सुधार होने पर बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से काफी हद तक राहत मिल सकती है।

पहले भी सामने आ चुकी है जलनिकासी की समस्या

तिर्वा और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या पहले भी सामने आती रही है। जून 2026 में ठठिया-तिर्वा मार्ग पर बारिश के बाद जलभराव से सड़क की स्थिति प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई थी। वहीं जुलाई 2026 में ठठिया के मुख्य बाजार जाने वाली सड़क पर हल्की बारिश के बाद भी पानी जमा होने और नालियों की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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