
कन्नौज के जलालाबाद स्थित बीज गोदाम पर शुक्रवार, 31 जुलाई को किसानों के लिए बीज एवं कृषि यंत्रों से संबंधित बुकिंग और आवेदन प्रक्रिया को लेकर गतिविधियां तेज रहीं। क्षेत्र के कई किसान आवश्यक दस्तावेजों के साथ गोदाम पहुंचे और कृषि विभाग की योजनाओं के तहत आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ली। मौके पर कृषि विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर अंशुमन कटियार और बीज गोदाम प्रभारी सुमित कुमार मौजूद रहे।
कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन
उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभिन्न कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए ऑनलाइन बुकिंग चल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसान कृषि विभाग के एग्रीदर्शन पोर्टल पर जाकर ‘किसान कॉर्नर’ के माध्यम से कृषि यंत्रों के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश में वर्तमान चरण की कृषि यंत्र बुकिंग 10 अगस्त तक चलने की जानकारी भी प्रकाशित की गई है।
पहले पंजीकरण, फिर यंत्र के लिए बुकिंग
किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने से पहले विभागीय पोर्टल पर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा। इसके बाद किसान कॉर्नर में उपलब्ध यंत्र बुकिंग विकल्प के माध्यम से संबंधित योजना और कृषि यंत्र का चयन कर सकते हैं। अन्य जिलों में भी कृषि विभाग ने किसानों से अंतिम तारीख का इंतजार न करते हुए समय से आवेदन पूरा करने की अपील की है।
आवेदन से पहले तैयार रखें जरूरी जानकारी
बुकिंग कराने पहुंचने वाले किसानों को आधार संबंधी विवरण, बैंक खाते की जानकारी, भूमि अभिलेख/खतौनी और सक्रिय मोबाइल नंबर जैसी जरूरी जानकारी अपने पास रखने की सलाह दी जा रही है। इससे पंजीकरण एवं आवेदन के दौरान होने वाली परेशानी से बचा जा सकता है।
रबी सीजन के बीजों के लिए भी चल रही प्रक्रिया
प्रदेश में रबी सत्र 2026-27 के लिए अनुदानित बीज और कुछ योजनाओं में निःशुल्क बीज मिनी किट की ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। विभिन्न फसलों के लिए बुकिंग और चयन की समय-सीमा अलग-अलग निर्धारित की जा रही है, इसलिए किसानों को संबंधित बीज गोदाम अथवा कृषि विभाग से अपनी फसल के अनुसार जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
जलालाबाद में किसानों ने लिया बुकिंग प्रक्रिया में हिस्सा
स्थानीय स्तर पर शुक्रवार को आकाश, शैलेश, रीतेश और गोपी सहित कई किसान जलालाबाद बीज गोदाम पहुंचे और बुकिंग प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कृषि यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान किसानों के लिए खेती में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल को आसान बनाने में मददगार हो सकता है। प्रदेश में SMAM सहित विभिन्न कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत किसानों को कृषि उपकरणों पर अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।






