कुट्टू के कुरकुरे पकौड़े बनाने की आसान विधि: संपूर्ण सामग्री, बनाने का सही तरीका, पोषण, फायदे और आवश्यक टिप्स

संवाद 24 डेस्क। भारतीय खान-पान में व्रत और त्योहारों का विशेष महत्व है। इन अवसरों पर ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करें। कुट्टू के आटे से बने पकौड़े इसी श्रेणी का एक लोकप्रिय व्यंजन हैं। विशेष रूप से नवरात्रि, महाशिवरात्रि, एकादशी और अन्य व्रतों के दौरान कुट्टू के पकौड़े घर-घर में बनाए जाते हैं।

कुट्टू, जिसे अंग्रेजी में Buckwheat कहा जाता है, वास्तव में गेहूँ नहीं बल्कि एक बीज है। यह ग्लूटेन-फ्री होता है और इसमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस तथा एंटीऑक्सीडेंट पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग भी इसे अपने आहार में शामिल करना पसंद करते हैं।

यदि सही अनुपात में सामग्री का उपयोग किया जाए और उचित तापमान पर पकौड़े तले जाएँ, तो वे बाहर से कुरकुरे तथा अंदर से मुलायम बनते हैं। इस लेख में कुट्टू के पकौड़े बनाने की पूरी विधि, आवश्यक सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी, उपयोगी सुझाव तथा सामान्य गलतियों के बारे में विस्तार से बताया गया है।

कुट्टू के पकौड़े बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
मुख्य सामग्री

  • कुट्टू का आटा – 2 कप
  • उबले हुए आलू – 3 मध्यम आकार के
  • हरी मिर्च – 2 बारीक कटी हुई
  • अदरक – 1 इंच का टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
  • हरा धनिया – ½ कप बारीक कटा हुआ
  • सेंधा नमक – स्वादानुसार
  • जीरा – 1 छोटा चम्मच
  • काली मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर (यदि व्रत में मान्य हो) – ¼ छोटा चम्मच
  • हरी धनिया या पुदीने की पत्तियाँ – वैकल्पिक
  • पानी – आवश्यकतानुसार
  • शुद्ध घी या व्रत योग्य तेल – तलने के लिए

वैकल्पिक सामग्री
स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए निम्न सामग्री भी मिलाई जा सकती है—

  • कद्दूकस की हुई लौकी
  • कद्दूकस किया हुआ कच्चा केला
  • मूंगफली का दरदरा पाउडर
  • काजू के छोटे टुकड़े
  • किशमिश
  • बारीक कटी हुई पालक (यदि व्रत में स्वीकार्य हो)

सामग्री की तैयारी
सबसे पहले आलुओं को अच्छी तरह उबाल लें। ठंडा होने पर उनके छिलके उतारकर हल्का-सा मैश कर लें। ध्यान रखें कि आलू पूरी तरह पेस्ट न बन जाएँ, हल्के दानेदार रहें ताकि पकौड़ों का स्वाद बेहतर आए।
हरी मिर्च, अदरक और हरा धनिया बारीक काट लें। यदि लौकी या कच्चा केला उपयोग कर रहे हैं तो उन्हें कद्दूकस करके अतिरिक्त पानी निकाल दें।

बैटर तैयार करने की विधि
एक बड़े बर्तन में कुट्टू का आटा लें।
अब इसमें—

  • सेंधा नमक
  • जीरा
  • काली मिर्च
  • हरी मिर्च
  • अदरक
  • हरा धनिया
    मिलाएँ।
    इसके बाद मैश किए हुए आलू डालें और सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें।
    अब धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार करें।
    ध्यान रखें कि बैटर बहुत पतला न हो। यदि बैटर अधिक पतला होगा तो पकौड़े तेल में फैल सकते हैं।
    घोल को लगभग 10–15 मिनट ढककर रख दें ताकि आटा अच्छी तरह सेट हो जाए।

पकौड़े तलने की विधि
एक गहरी कढ़ाई में तेल या घी गर्म करें।
तेल मध्यम आँच पर गर्म होना चाहिए। यदि तेल बहुत अधिक गर्म होगा तो पकौड़े बाहर से जल्दी लाल हो जाएँगे जबकि अंदर से कच्चे रह सकते हैं।
अब हाथ या चम्मच की सहायता से छोटे-छोटे भाग तेल में डालें।
एक बार में बहुत अधिक पकौड़े न डालें।
धीरे-धीरे पलटते हुए उन्हें सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें।
तलने के बाद अतिरिक्त तेल निकालने के लिए उन्हें टिश्यू पेपर पर रखें।

परोसने का तरीका
कुट्टू के पकौड़े सबसे अधिक स्वादिष्ट तब लगते हैं जब उन्हें गर्मागर्म परोसा जाए।
इन्हें निम्न चीजों के साथ परोसा जा सकता है—

  • व्रत वाली धनिया की चटनी
  • दही
  • मूंगफली की चटनी
  • नारियल की चटनी
  • मीठी दही
    यदि सामान्य दिनों में बना रहे हों तो टमाटर की चटनी या हरी चटनी के साथ भी परोस सकते हैं।

कुट्टू के पकौड़ों के पोषण संबंधी लाभ
कुट्टू का आटा सामान्य आटे की तुलना में अधिक पौष्टिक माना जाता है।
इसके प्रमुख लाभ निम्न हैं—

  • ग्लूटेन-फ्री होता है।
  • अच्छी मात्रा में प्रोटीन उपलब्ध कराता है।
  • फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है।
  • लंबे समय तक पेट भरा रखने में सहायक होता है।
  • शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है।
  • मैग्नीशियम हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है।
  • आयरन शरीर में रक्त निर्माण में सहायक होता है।
  • एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं की सुरक्षा में मदद करते हैं।
    यही कारण है कि कुट्टू के पकौड़े केवल व्रत का भोजन ही नहीं बल्कि पौष्टिक स्नैक भी माने जाते हैं।

कुट्टू के पकौड़े बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
स्वादिष्ट और कुरकुरे पकौड़े बनाने के लिए केवल सही सामग्री ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि उन्हें बनाने की तकनीक भी महत्वपूर्ण होती है। नीचे दिए गए सुझावों का पालन करके आप हर बार बेहतरीन पकौड़े तैयार कर सकते हैं।

  1. ताज़ा कुट्टू का आटा चुनें
    कुट्टू का आटा लंबे समय तक रखने पर उसकी सुगंध और स्वाद कम हो सकता है। इसलिए हमेशा ताज़ा और अच्छी गुणवत्ता वाला आटा ही उपयोग करें।
  2. बैटर अधिक पतला न रखें
    यदि घोल बहुत पतला होगा तो पकौड़े तेल में फैल जाएंगे और कुरकुरे नहीं बनेंगे। बैटर इतना गाढ़ा होना चाहिए कि चम्मच से आसानी से गिर सके, लेकिन बहने न लगे।
  3. तेल का सही तापमान रखें
    तेल बहुत अधिक गर्म होने पर पकौड़े बाहर से जल्दी लाल हो जाएंगे और अंदर से कच्चे रह सकते हैं। वहीं ठंडे तेल में तलने पर पकौड़े अधिक तेल सोख लेते हैं। मध्यम आँच सबसे उपयुक्त रहती है।
  4. आलू का संतुलित उपयोग करें
    उबले हुए आलू पकौड़ों को बाँधने में मदद करते हैं, लेकिन बहुत अधिक आलू डालने से कुट्टू का स्वाद कम हो जाता है।
  5. छोटे आकार के पकौड़े बनाएँ
    छोटे पकौड़े समान रूप से पकते हैं और अधिक कुरकुरे बनते हैं।

कुट्टू के पकौड़ों की विभिन्न वैरायटी

  1. आलू वाले कुट्टू के पकौड़े
    यह सबसे लोकप्रिय प्रकार है। उबले आलू, कुट्टू का आटा और मसालों से तैयार किए जाते हैं।
  2. लौकी वाले पकौड़े
    कद्दूकस की हुई लौकी मिलाने से पकौड़े अधिक मुलायम और पौष्टिक बनते हैं।
  3. कच्चे केले के पकौड़े
    व्रत में कच्चा केला एक अच्छा विकल्प माना जाता है। इससे पकौड़ों का स्वाद और पौष्टिकता दोनों बढ़ जाती हैं।
  4. मूंगफली वाले पकौड़े
    दरदरी पिसी मूंगफली मिलाने से पकौड़ों में हल्का कुरकुरापन और अलग स्वाद आता है।
  5. पनीर वाले पकौड़े
    यदि व्रत के नियमों में अनुमति हो तो छोटे-छोटे पनीर के टुकड़े मिलाकर भी स्वादिष्ट पकौड़े बनाए जा सकते हैं।

कुट्टू के पकौड़ों के स्वास्थ्य लाभ
कुट्टू का आटा कई आवश्यक पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। संतुलित मात्रा में सेवन करने पर इसके कई लाभ हो सकते हैं।

  • ग्लूटेन-फ्री होने के कारण यह ग्लूटेन संवेदनशीलता वाले लोगों के लिए उपयुक्त विकल्प हो सकता है।
  • इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में सहायक होता है।
  • प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और मांसपेशियों के विकास में योगदान देता है।
  • मैग्नीशियम सामान्य हृदय क्रिया और तंत्रिका तंत्र के लिए महत्वपूर्ण खनिज है।
  • आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होता है।
  • इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करते हैं।
  • लंबे समय तक तृप्ति का अनुभव कराने में सहायक हो सकता है।

कुट्टू के पकौड़े खाते समय सावधानियाँ

  • हमेशा ताज़ा तेल या घी का उपयोग करें।
  • अत्यधिक तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित मात्रा में करें।
  • यदि किसी व्यक्ति को कुट्टू से एलर्जी हो तो इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोग अपने चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार सेवन करें।
  • पकौड़ों को दोबारा बार-बार गर्म करने से स्वाद और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

सामान्य गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए

  • बैटर को बहुत पतला बना देना।
  • तेल का तापमान जाँचे बिना पकौड़े डाल देना।
  • एक साथ बहुत अधिक पकौड़े तलना।
  • पर्याप्त मसाले या सेंधा नमक न मिलाना।
  • अधपके आलू का उपयोग करना।
  • बहुत तेज़ आँच पर लगातार तलना।

कुट्टू के पकौड़ों के साथ परोसे जाने वाले व्यंजन
इन पकौड़ों का स्वाद निम्न विकल्पों के साथ और भी बढ़ जाता है—

  • धनिया-पुदीना चटनी
  • मूंगफली की चटनी
  • नारियल की चटनी
  • दही
  • मीठी दही
  • फलों का रायता
  • व्रत वाली हरी चटनी


  1. क्या कुट्टू के पकौड़े बिना आलू के बनाए जा सकते हैं?
    हाँ। आलू की जगह कद्दूकस की हुई लौकी, कच्चा केला या अरबी का उपयोग किया जा सकता है।
  2. क्या इन्हें एयर फ्रायर में बनाया जा सकता है?
    हाँ। हल्का तेल लगाकर एयर फ्रायर में भी तैयार किया जा सकता है। इससे तेल की मात्रा कम हो जाती है।
  3. क्या कुट्टू का आटा स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है?
    हाँ। यह ग्लूटेन-फ्री है तथा इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं।
  4. पकौड़े कुरकुरे कैसे बनते हैं?
    गाढ़ा बैटर, सही तापमान का तेल और मध्यम आँच पर तलना सबसे महत्वपूर्ण है।
  5. क्या बचा हुआ बैटर दोबारा उपयोग किया जा सकता है?
    यदि बैटर लंबे समय तक बाहर न रखा गया हो तो उसे थोड़े समय के भीतर उपयोग किया जा सकता है। ताज़ा बैटर हमेशा बेहतर स्वाद देता है।

कुट्टू के पकौड़े भारतीय व्रत-भोजन का एक लोकप्रिय और स्वादिष्ट व्यंजन हैं। उचित सामग्री, सही अनुपात और सही तलने की विधि अपनाकर इन्हें घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है। कुट्टू का आटा केवल स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि प्रोटीन, फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी प्रदान करता है। यदि इन्हें संतुलित मात्रा में और स्वच्छ तरीके से बनाया जाए, तो यह पूरे परिवार के लिए पौष्टिक एवं संतोषजनक नाश्ता या व्रत का भोजन बन सकता है।

स्वाद, स्वास्थ्य और परंपरा का यह सुंदर मेल कुट्टू के पकौड़ों को भारतीय रसोई की एक सदाबहार और पसंदीदा रेसिपी बनाता है।

Radha Singh
Radha Singh

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