
कन्नौज जनपद के उमर्दा विकासखंड की ग्राम पंचायत उमर्दा में मुख्य मार्ग पर आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। सड़क के बीचों-बीच बैठे और घूमते मवेशियों के कारण पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों तथा भारी वाहनों के आवागमन में लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति दुर्घटनाओं की आशंका को भी बढ़ा रही है। देश के विभिन्न हिस्सों में भी आवारा पशुओं के कारण सड़क सुरक्षा और यातायात प्रभावित होने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा असर
स्थानीय निवासी पातीराम, तोताराम, ज्ञान सिंह और उत्तम के अनुसार मुख्य मार्ग पर अक्सर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। बड़े वाहनों को निकलने में काफी समय लगता है, जबकि पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मवेशियों को हटाने का प्रयास भी जोखिम भरा साबित होता है।
पंचायत ने स्वीकार की समस्या
ग्राम पंचायत उमर्दा के प्रधान प्रतिनिधि लालता प्रसाद ने बताया कि पंचायत इस समस्या से अवगत है और इसके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन पशुपालकों के मवेशी सड़कों पर छोड़े जा रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर समझाइश दी जाएगी तथा भविष्य में पशुओं को खुले में न छोड़ने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि सड़कें सुरक्षित और सुचारु बनी रहें।
स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और पंचायत से आवारा मवेशियों के स्थायी प्रबंधन की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई तो सड़क दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ सकती है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।






