
कन्नौज कलेक्ट्रेट के गांधी सभागार में बुधवार को आयोजित जिला सैनिक कल्याण बंधु की बैठक में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा दिवंगत सैनिकों के आश्रितों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान पर विशेष जोर दिया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) देवेंद्र सिंह ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े सभी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिला प्रशासन में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) के रूप में देवेंद्र सिंह की तैनाती आधिकारिक अभिलेखों में भी दर्ज है।
राष्ट्र की सेवा करने वालों के प्रति संवेदनशील रहे प्रशासन’
बैठक को संबोधित करते हुए एडीएम ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति समाज और प्रशासन दोनों की विशेष जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों को किसी भी सरकारी कार्य के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े, इसके लिए सभी विभाग संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
70 वर्ष से अधिक आयु के पूर्व सैनिकों के आयुष्मान कार्ड पर विशेष फोकस
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि 70 वर्ष से अधिक आयु अथवा गंभीर रूप से बीमार पूर्व सैनिकों की सूची तैयार कर उनके आयुष्मान भारत कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनवाए जाएं। प्रशासन का उद्देश्य है कि पात्र पूर्व सैनिकों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।
पेंशन, राजस्व और पुलिस से जुड़ी शिकायतों की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 12 शिकायतों की समीक्षा की गई। इनमें राजस्व विभाग से जुड़े भूमि पैमाइश, पट्टा और अवैध कब्जे के तीन मामले, कोषागार विभाग के चार, पुलिस विभाग के तीन तथा अन्य विभागों के दो प्रकरण शामिल रहे। एडीएम ने आवश्यकतानुसार संयुक्त जांच कराकर सभी मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित फॉलो-अप भी किया जाए।
वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व सैनिक रहे मौजूद
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल रोहित भटारा, सिखलाई रेजीमेंट के जेसीओ चरनजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, पूर्व सैनिक और उनके आश्रित उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं का समन्वित समाधान सुनिश्चित करना तथा उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाना रहा।






