
संवाद 24 डेस्क। मानसून अपने साथ राहत लेकर आता है, लेकिन यह मौसम स्मार्टफोन यूजर्स के लिए कई चुनौतियां भी खड़ी करता है। अचानक बारिश, पानी से भरे रास्ते, भीगा हुआ बैग या जेब में चली गई नमी भी आपके स्मार्टफोन को नुकसान पहुंचा सकती है। अच्छी बात यह है कि यदि फोन पानी के संपर्क में आते ही सही कदम उठाए जाएं, तो कई मामलों में उसे गंभीर क्षति से बचाया जा सकता है। तकनीकी विशेषज्ञों का भी मानना है कि शुरुआती कुछ मिनटों में लिया गया सही निर्णय फोन की लाइफ बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाता है।
सबसे पहले क्या करें? तुरंत बंद करें स्मार्टफोन
यदि आपका स्मार्टफोन बारिश में भीग गया है या गलती से पानी में गिर गया है, तो सबसे पहला कदम उसे तुरंत स्विच ऑफ करना होना चाहिए। यदि फोन पहले से बंद था तो उसे चालू करने की कोशिश बिल्कुल न करें। पानी के संपर्क में रहते हुए बिजली का प्रवाह शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकता है, जिससे मदरबोर्ड, बैटरी और अन्य महत्वपूर्ण पार्ट्स स्थायी रूप से खराब हो सकते हैं। साथ ही फोन को चार्जर से भी बिल्कुल न जोड़ें।
फोन का कवर, सिम और मेमोरी कार्ड निकालें
फोन बंद करने के बाद यदि संभव हो तो उसका कवर हटाएं। इसके बाद सिम कार्ड और मेमोरी कार्ड निकाल लें ताकि इनके स्लॉट में फंसी नमी बाहर निकल सके। यदि फोन में रिमूवेबल बैटरी है तो उसे भी अलग कर दें। इन सभी हिस्सों को मुलायम और सूखे कपड़े से सावधानीपूर्वक पोंछकर अलग रख दें। इससे अंदर मौजूद नमी को कम करने में मदद मिलती है।
हेयर ड्रायर और तेज गर्मी से बचें
कई लोग फोन को जल्दी सुखाने के लिए हेयर ड्रायर, ओवन या धूप का सहारा लेते हैं, लेकिन यह तरीका नुकसानदायक साबित हो सकता है। तेज गर्म हवा पानी की बूंदों को और अंदर तक पहुंचा सकती है तथा अत्यधिक तापमान फोन के संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स और चिप्स को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए फोन को प्राकृतिक रूप से सूखी और हवादार जगह पर ही रखें।
क्या चावल में रखने से फोन ठीक हो जाता है?
वर्षों से यह धारणा चली आ रही है कि भीगे हुए फोन को चावल में रखने से वह ठीक हो जाता है। हालांकि तकनीकी विशेषज्ञ अब इस तरीके को प्रभावी नहीं मानते। चावल नमी को पूरी तरह नहीं निकाल पाता और उसके छोटे-छोटे कण चार्जिंग पोर्ट या स्पीकर में फंसकर नई समस्या पैदा कर सकते हैं। यदि उपलब्ध हो तो सिलिका जेल पैकेट अधिक बेहतर विकल्प माने जाते हैं, क्योंकि वे नमी को अधिक प्रभावी ढंग से सोखते हैं।
फोन को चालू करने की जल्दबाजी न करें
फोन को साफ करने के बाद कम से कम 24 से 48 घंटे तक उसे सूखी जगह पर रहने दें। कई बार फोन बाहर से सूखा दिखाई देता है, लेकिन उसके अंदर नमी बनी रहती है। ऐसे में जल्दी चालू करने से शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए धैर्य रखना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
यदि फोन चालू होने के बाद स्क्रीन झिलमिलाने लगे, टच ठीक से काम न करे, स्पीकर या माइक्रोफोन में समस्या आए, चार्जिंग बंद हो जाए या फोन जरूरत से ज्यादा गर्म होने लगे, तो यह अंदरूनी क्षति का संकेत हो सकता है। ऐसे मामलों में स्वयं मरम्मत करने की बजाय अधिकृत या भरोसेमंद सर्विस सेंटर की सहायता लेना बेहतर रहता है। कई बार पानी से होने वाला जंग (Corrosion) कुछ दिनों बाद असर दिखाता है।
क्या वाटर रेसिस्टेंट फोन पूरी तरह सुरक्षित होते हैं?
आजकल कई स्मार्टफोन IP67 या IP68 जैसी वाटर रेसिस्टेंट रेटिंग के साथ आते हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि वे पूरी तरह वाटरप्रूफ हैं। यह सुरक्षा केवल सीमित परिस्थितियों और निश्चित समय तक ही प्रभावी रहती है। बारिश में लंबे समय तक उपयोग, समुद्री पानी, साबुन मिले पानी या अधिक दबाव वाले पानी के संपर्क में आने से ऐसे फोन भी खराब हो सकते हैं। इसलिए वाटर रेसिस्टेंट फोन के साथ भी सावधानी जरूरी है।
मानसून में फोन को सुरक्षित रखने के आसान उपाय
बारिश के मौसम में कुछ छोटी-छोटी सावधानियां बड़े नुकसान से बचा सकती हैं। यदि भारी बारिश की संभावना हो तो फोन को वाटरप्रूफ पाउच या कवर में रखें। भीगी हुई जेब में फोन रखने से बचें। बाइक चलाते समय फोन को खुले होल्डर में लगाने के बजाय सुरक्षित बैग में रखें। यदि फोन भीग जाए तो उसे बार-बार हिलाने या झटकने की गलती न करें। साथ ही नियमित रूप से चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर की सफाई भी करते रहें ताकि उनमें नमी जमा न हो।
स्मार्टफोन आज केवल संचार का माध्यम नहीं बल्कि बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, दस्तावेज, फोटो और व्यक्तिगत डेटा का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। ऐसे में मानसून के दौरान थोड़ी-सी लापरवाही महंगा नुकसान पहुंचा सकती है। यदि फोन पानी के संपर्क में आ जाए तो घबराने के बजाय तुरंत सही कदम उठाना सबसे जरूरी है। फोन को बंद करना, चार्ज न करना, प्राकृतिक तरीके से सुखाना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना ही आपके स्मार्टफोन और उसमें मौजूद महत्वपूर्ण डेटा को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।






