
कन्नौज जनपद की तिर्वा तहसील में तैनात लेखपाल शोभित कटियार शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान एक अप्रत्याशित हादसे का शिकार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह अपने राजस्व क्षेत्र के निरीक्षण के लिए मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान उनकी गर्दन पर किसी जहरीले कीड़े ने काट लिया। बताया जा रहा है कि कुछ ही क्षणों में विष के प्रभाव से उन्हें तेज चक्कर आने लगे और वे वाहन पर नियंत्रण खो बैठे। इसके बाद वह मोटरसाइकिल सहित सड़क किनारे स्थित खाई में जा गिरे।
काफी देर तक खाई में पड़े रहे, राहगीरों ने दिखाई तत्परता
घटना के बाद लेखपाल कुछ समय तक खाई में ही पड़े रहे। उधर से गुजर रहे राहगीरों की नजर जब उन पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित राजस्व अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही राजस्व निरीक्षक तथा तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से राहत कार्य शुरू कराया।
सहकर्मियों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया
मौके पर पहुंचे राजस्व विभाग के कर्मचारियों अभिषेक यादव, अर्पित कटियार और किशन कुमार ने राहगीरों के सहयोग से घायल लेखपाल शोभित कटियार को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तत्काल तिर्वा स्थित मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया।
एंटी-वेनम इंजेक्शन और उपचार के बाद हालत स्थिर
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद आवश्यक उपचार शुरू किया। उन्हें एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया गया तथा निगरानी के लिए ड्रिप पर रखा गया। चिकित्सकों के अनुसार वर्तमान में उनकी स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। हालांकि एहतियात के तौर पर चिकित्सकीय निगरानी जारी है।
विशेषज्ञों की सलाह: कीड़े या विषैले जीव के काटने पर लापरवाही न करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अज्ञात या विषैले कीड़े के काटने के बाद यदि चक्कर आना, बेहोशी, सांस लेने में कठिनाई, सूजन या एलर्जी जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे मामलों में स्वयं उपचार करने के बजाय तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचना सबसे सुरक्षित उपाय माना जाता है।






