पेडीक्योर–मैनिक्योर की छोटी गलतियाँ, बड़ा नुकसान: जानिए खूबसूरत और स्वस्थ नाखूनों के लिए सही तरीका

संवाद 24 डेस्क। सुंदर और साफ-सुथरे हाथ-पैर किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व की पहचान होते हैं। चेहरे की सुंदरता के साथ यदि हाथ-पैर भी स्वच्छ, मुलायम और आकर्षक हों, तो आत्मविश्वास स्वतः बढ़ जाता है। यही कारण है कि आज मैनिक्योर और पेडीक्योर केवल फैशन या लग्ज़री का हिस्सा नहीं रह गए हैं, बल्कि व्यक्तिगत स्वच्छता और त्वचा की देखभाल का एक महत्वपूर्ण अंग बन चुके हैं।
हालाँकि, यह भी एक सच्चाई है कि अधिकतर लोग मैनिक्योर और पेडीक्योर के दौरान कुछ ऐसी सामान्य गलतियाँ कर बैठते हैं, जो धीरे-धीरे नाखूनों, त्वचा और पैरों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाती हैं। कई बार संक्रमण, एलर्जी, फंगल इन्फेक्शन, त्वचा में कटाव या नाखूनों की कमजोरी जैसी समस्याएँ केवल गलत देखभाल का परिणाम होती हैं।

यदि इन छोटी-छोटी गलतियों को समय रहते समझ लिया जाए, तो न केवल हाथ-पैर लंबे समय तक सुंदर बने रहते हैं, बल्कि अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचा जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि पेडीक्योर और मैनिक्योर करते समय कौन-कौन सी सामान्य गलतियाँ होती हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है।

  1. बिना सफाई किए उपकरणों का उपयोग
    यह सबसे बड़ी और सबसे आम गलती है।
    नेल कटर, क्यूटिकल पुशर, फाइल, कैंची या अन्य उपकरण यदि ठीक प्रकार से सैनिटाइज न किए जाएँ, तो इनमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस आसानी से पनप सकते हैं।
    इससे होने वाले नुकसान
  • फंगल संक्रमण
  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन
  • त्वचा में सूजन
  • पस बनना
  • संक्रमण का एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलना
    क्या करें?
    हर उपयोग से पहले और बाद में उपकरणों को अल्कोहल आधारित सैनिटाइज़र या डिसइन्फेक्टेंट से साफ करें। यदि संभव हो तो व्यक्तिगत उपकरण ही प्रयोग करें।
  1. क्यूटिकल्स को पूरी तरह काट देना
    कई लोग मानते हैं कि क्यूटिकल्स हटाने से नाखून अधिक सुंदर दिखाई देते हैं।
    वास्तव में क्यूटिकल्स शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा परत होते हैं जो बैक्टीरिया और संक्रमण को नाखूनों की जड़ तक पहुँचने से रोकते हैं।
    नुकसान
  • संक्रमण
  • दर्द
  • सूजन
  • नाखूनों की वृद्धि प्रभावित होना
    सही तरीका
    क्यूटिकल्स को काटने की बजाय हल्के हाथों से पीछे करें और उन पर क्यूटिकल ऑयल लगाएँ।
  1. बहुत अधिक देर तक पानी में हाथ-पैर भिगोना
    गर्म पानी में लंबे समय तक हाथ या पैर डुबोकर रखना भी नुकसानदायक हो सकता है।
    अधिक देर तक पानी में रहने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है।
    परिणाम
  • त्वचा सूख जाती है।
  • नाखून कमजोर हो जाते हैं।
  • त्वचा फटने लगती है।
    सही समय
    10–15 मिनट तक भिगोना पर्याप्त होता है।
  1. अत्यधिक गर्म पानी का प्रयोग
    बहुत गर्म पानी त्वचा के प्राकृतिक तेलों को समाप्त कर देता है।
    नुकसान
  • रूखी त्वचा
  • जलन
  • लालिमा
  • संवेदनशील त्वचा में एलर्जी
    हमेशा गुनगुने पानी का उपयोग करें।
  1. नाखूनों को बहुत छोटा काट देना
    कई लोग नाखूनों को अत्यधिक छोटा काट देते हैं।
    विशेष रूप से पैरों के नाखून यदि बहुत छोटे काट दिए जाएँ तो वे त्वचा के अंदर बढ़ने लगते हैं।
    परिणाम
  • दर्द
  • सूजन
  • इनग्रोन नेल
  • संक्रमण
    नाखूनों को सीधा काटें तथा किनारों को अधिक गोल न करें।
  1. नेल फाइल का गलत उपयोग
    बार-बार आगे-पीछे रगड़कर फाइल करने से नाखूनों की परतें अलग होने लगती हैं।
    सही तरीका
    हमेशा एक ही दिशा में धीरे-धीरे फाइल करें।
  2. घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों का प्रयोग
    सस्ते और निम्न गुणवत्ता वाले नेल पॉलिश, रिमूवर या क्रीम कई बार त्वचा और नाखूनों को नुकसान पहुँचाते हैं।
    इनमें उपस्थित कुछ रसायन एलर्जी और नाखूनों की कमजोरी का कारण बन सकते हैं।
    अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों का चयन करें।
  3. नेल पॉलिश लगातार लगाए रखना
    कई लोग महीनों तक लगातार नेल पॉलिश लगाए रखते हैं।
    इससे नाखूनों को हवा और प्राकृतिक नमी नहीं मिल पाती।
    परिणाम
  • नाखून पीले पड़ना
  • कमजोर होना
  • टूटना
    बीच-बीच में कुछ दिनों का अंतर अवश्य दें।
  1. मॉइस्चराइज़र का उपयोग न करना
    मैनिक्योर और पेडीक्योर के बाद यदि त्वचा को मॉइस्चराइज़ न किया जाए तो पूरी प्रक्रिया का लाभ कम हो जाता है।
    हाथ-पैर धोने के बाद अच्छी गुणवत्ता की क्रीम या लोशन लगाएँ।
  2. बहुत अधिक स्क्रब करना
    अधिक स्क्रबिंग से मृत त्वचा के साथ स्वस्थ त्वचा भी हटने लगती है।
    नुकसान
  • जलन
  • लालिमा
  • संवेदनशीलता
    सप्ताह में एक बार हल्का स्क्रब पर्याप्त है।
  1. एड़ी की मृत त्वचा को ब्लेड से काटना
    कुछ लोग एड़ियों की मोटी त्वचा को ब्लेड से काट देते हैं।
    यह बेहद जोखिमपूर्ण है।
    संभावित समस्याएँ
  • गहरे कट
  • संक्रमण
  • रक्तस्राव
  • दर्द
    प्यूमिक स्टोन या फुट फाइल का प्रयोग करें।
  1. संक्रमण होने पर भी पेडीक्योर करवाना
    यदि पैरों में फंगल संक्रमण, घाव या सूजन हो तो पेडीक्योर नहीं करवाना चाहिए।
    इससे संक्रमण बढ़ सकता है।
  2. त्वचा पर जोर से रगड़ना
    तेज़ी से स्क्रब करना या कठोर ब्रश का प्रयोग त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता है।
    हमेशा हल्के हाथों से सफाई करें।
  3. उपकरण साझा करना
    परिवार या मित्रों के साथ नेल कटर, फाइल या अन्य उपकरण साझा करना संक्रमण फैलाने का आसान माध्यम बन सकता है।
    हर व्यक्ति के अलग उपकरण होने चाहिए।
  4. एक्सपायरी डेट न देखना
    पुराने या एक्सपायर हो चुके उत्पाद त्वचा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
    उत्पाद खरीदते और उपयोग करते समय निर्माण एवं समाप्ति तिथि अवश्य देखें।
  5. एलर्जी टेस्ट न करना
    नई क्रीम, नेल पॉलिश या अन्य उत्पाद सीधे पूरे हाथ या पैर पर लगाने की बजाय पहले पैच टेस्ट करें।
    इससे एलर्जी होने पर समय रहते पता चल जाता है।
  6. नाखूनों के नीचे अत्यधिक सफाई करना
    तेज़ नुकीले उपकरण से नाखूनों के नीचे बार-बार सफाई करने से त्वचा को नुकसान पहुँच सकता है।
    हल्के ब्रश का प्रयोग करें।
  7. मैनिक्योर-पेडीक्योर बहुत बार करवाना
    हर सप्ताह प्रोफेशनल ट्रीटमेंट करवाना आवश्यक नहीं होता।
    अत्यधिक केमिकल और फाइलिंग से नाखून कमजोर हो सकते हैं।
    सामान्यतः 3–4 सप्ताह के अंतराल पर मैनिक्योर या पेडीक्योर पर्याप्त माना जाता है, हालांकि यह व्यक्ति की त्वचा, नाखूनों की स्थिति और जीवनशैली पर निर्भर करता है।
  8. पर्याप्त पानी न पीना
    नाखूनों और त्वचा का स्वास्थ्य केवल बाहरी देखभाल पर निर्भर नहीं करता।
    यदि शरीर में पानी की कमी होगी तो त्वचा और नाखून दोनों रूखे हो जाएंगे।
    पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है।
  9. संतुलित आहार की अनदेखी
    प्रोटीन, आयरन, बायोटिन, जिंक और विटामिन की कमी का प्रभाव सबसे पहले नाखूनों पर दिखाई देता है।
    आहार में शामिल करें—
  • हरी सब्जियाँ
  • दालें
  • अंडे
  • दूध
  • दही
  • मेवे
  • मौसमी फल
  1. मधुमेह रोगियों की विशेष सावधानी
    मधुमेह से पीड़ित लोगों में पैरों में घाव देर से भरते हैं और संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
    ऐसे लोगों को पेडीक्योर के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए तथा किसी भी कट या घाव की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
  2. घर पर करते समय जल्दबाजी
    कई लोग कुछ ही मिनटों में पूरी प्रक्रिया समाप्त करना चाहते हैं।
    जल्दबाजी के कारण—
  • कट लगना
  • त्वचा छिलना
  • नाखून टूटना
  • असमान आकार
    जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

स्वस्थ मैनिक्योर और पेडीक्योर के लिए उपयोगी सुझाव

  • हमेशा साफ उपकरणों का प्रयोग करें।
  • गुनगुने पानी का उपयोग करें।
  • अच्छे ब्रांड के उत्पाद चुनें।
  • क्यूटिकल्स को न काटें।
  • मॉइस्चराइज़र और क्यूटिकल ऑयल नियमित लगाएँ।
  • संतुलित आहार लें।
  • पर्याप्त पानी पिएँ।
  • संक्रमण होने पर उपचार को प्राथमिकता दें।
  • उपकरण साझा न करें।
  • नियमित लेकिन संतुलित अंतराल पर मैनिक्योर और पेडीक्योर करें।

मैनिक्योर और पेडीक्योर केवल हाथ-पैरों को सुंदर बनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनकी स्वच्छता और स्वास्थ्य बनाए रखने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। अक्सर लोग आकर्षक परिणाम पाने की जल्दबाज़ी में ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैं, जो आगे चलकर संक्रमण, नाखूनों की कमजोरी, त्वचा की क्षति और अन्य समस्याओं का कारण बन जाती हैं। अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों का चयन, साफ-सुथरे उपकरणों का उपयोग, संतुलित देखभाल और वैज्ञानिक तरीके से की गई प्रक्रिया न केवल हाथ-पैरों की सुंदरता बढ़ाती है, बल्कि उनके प्राकृतिक स्वास्थ्य को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखती है।
याद रखें, वास्तविक सौंदर्य केवल बाहरी चमक में नहीं, बल्कि स्वस्थ त्वचा, मजबूत नाखूनों और सही देखभाल की आदतों में छिपा होता है। छोटी-छोटी सावधानियाँ अपनाकर आप अपने हाथों और पैरों को लंबे समय तक आकर्षक, सुरक्षित और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं।

Radha Singh
Radha Singh

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