
संवाद 24 लखनऊ। मरीजों की जिंदगी बचाने में डॉक्टरों की तरह ही नर्सें भी अहम भूमिका निभाती हैं। अब यूपी सरकार इन नर्सों की सुविधाओं और तैनाती को लेकर बड़ा कदम उठाने जा रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जानकारी दी कि राज्य की सभी नर्सों को गृह जनपद में पोस्टिंग देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
???? नर्सों की गृह जनपद पोस्टिंग का प्रस्ताव तैयार
स्वास्थ्य विभाग ने नर्सों की मांग पर विचार करते हुए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब नर्सों की गृह जनपद में तैनाती के लिए औपचारिक प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। डिप्टी सीएम ने बताया कि “नर्सें अस्पतालों में दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं, इसलिए सरकार चाहती है कि उन्हें भी अपने गृह जिले में काम करने का अवसर मिले ताकि वे परिवार और सेवा – दोनों जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें।”
???? महत्वपूर्ण डाटा:
राज्य में कुल पंजीकृत नर्सें: लगभग 1.40 लाख
स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत नर्सें: करीब 1.10 लाख
रिक्त पद: लगभग 30 हजार
नई नियुक्तियां प्रस्तावित: 24,000 से अधिक
गृह जनपद पोस्टिंग योजना: 2025 की पहली तिमाही में लागू होने की संभावना
???? मरीजों को बेहतर सेवा का लक्ष्य
डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने पर काम कर रही है। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही नर्सिंग सेवाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है ताकि हर अस्पताल में पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध रहे। उन्होंने यह भी बताया कि नर्सों की कमी से कई जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, इसलिए खाली पदों को शीघ्र भरा जाएगा।
वर्ष 2010 के बाद से नर्सों की गृह जनपद में तैनाती की मांग लगातार उठ रही थी। अब जाकर सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाया है। वहीं नर्सिंग अधिकारियों का कहना है कि इस निर्णय से न केवल नर्सों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी सुधरेगी।
????️ डिप्टी सीएम का बयान
“नर्सें हमारे स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ हैं। सरकार उनके कल्याण और सुविधा के लिए लगातार प्रयासरत है। गृह जनपद में तैनाती से वे और समर्पित होकर कार्य कर सकेंगी।” – ब्रजेश पाठक, उपमुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
इस निर्णय से राज्यभर में नर्सों को बड़ी राहत मिलने वाली है। गृह जनपद में पोस्टिंग न केवल नर्सों के कार्यक्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि मरीजों की सेवा की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार आएगा।






