
55 साल पुराने पुल की हालत ने बढ़ाई चिंता
फर्रुखाबाद में इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर स्थित पांचाल घाट गंगा पुल की जर्जर स्थिति एक बार फिर सामने आ गई है। गुरुवार को पुल के एक ज्वाइंट पर लगा लोहे का तख्ता अचानक उखड़ गया, जिससे पुल से गुजरने वाले हजारों यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। घटना के बाद पुल पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ज्वाइंट टूटने से नीचे दिखने लगा पुल का हिस्सा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ज्वाइंट पर लगा लोहे का तख्ता लगभग एक फुट तक टूट गया, जिससे पुल का निचला हिस्सा साफ दिखाई देने लगा। स्थिति को देखते हुए वाहन चालकों में दहशत का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर वाहनों को पुल के दूसरे हिस्से से निकाला गया, लेकिन इससे यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई और जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई।
1971 में तैयार हुआ था पांचाल घाट पुल
पांचाल घाट गंगा पुल का निर्माण वर्ष 1968 में शुरू हुआ था और जून 1971 में इसे यातायात के लिए खोल दिया गया था। पांच दशक से अधिक पुराने इस पुल के ज्वाइंट्स में समय-समय पर तकनीकी खामियां सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार पुल के ज्वाइंट खुलने से सरिया और एंगल बाहर दिखाई देने लगे थे, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका।
वाहन चालकों ने जताई हादसे की आशंका
पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों का कहना है कि यदि तेज रफ्तार में आ रहे किसी वाहन का संतुलन बिगड़ जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। उनका मानना है कि केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय पुल की व्यापक तकनीकी जांच कराकर स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अनहोनी से बचा जा सके।
प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं इस मार्ग से
इटावा-बरेली नेशनल हाईवे क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां से प्रतिदिन एक हजार से अधिक छोटे और बड़े वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में पुल के ज्वाइंट में आई खराबी का सीधा असर यातायात व्यवस्था पर पड़ा और यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञ जांच और त्वरित मरम्मत की उठी मांग
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से पुल की विस्तृत तकनीकी जांच कराने और क्षतिग्रस्त ज्वाइंट की तत्काल मरम्मत की मांग की है। लोगों का कहना है कि गंगा नदी पर बना यह पुल फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों के लिए जीवनरेखा की तरह है, इसलिए इसकी सुरक्षा और मजबूती को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी निगाहें
पांचाल घाट गंगा पुल की स्थिति ने एक बार फिर पुराने पुलों के रखरखाव और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए क्या कदम उठाता है और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।






