मिट्टी की खुशबू से भरी स्वादिष्ट भाकरी: पारंपरिक भारतीय रोटी बनाने की संपूर्ण विधि
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संवाद 24 डेस्क। भारतीय भोजन परंपरा में रोटी का विशेष स्थान है, लेकिन जब बात ग्रामीण स्वाद, पौष्टिकता और पारंपरिक भोजन की आती है, तब “भाकरी” का नाम सबसे पहले लिया जाता है। भाकरी मुख्यतः महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अत्यंत लोकप्रिय है। यह साधारण गेहूँ की रोटी से अलग होती है क्योंकि इसे ज्वार, बाजरा, मक्का या चावल के आटे से बनाया जाता है। इसका स्वाद मिट्टी की सौंधी खुशबू और देसी खाने की सरलता को दर्शाता है।
भाकरी केवल भोजन नहीं बल्कि भारतीय ग्रामीण संस्कृति की पहचान है। यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी, पचने में हल्की और लंबे समय तक पेट भरा रखने वाली होती है। आज के आधुनिक समय में जब लोग हेल्दी डाइट और ग्लूटेन-फ्री भोजन की ओर बढ़ रहे हैं, तब भाकरी फिर से लोकप्रिय होती जा रही है।
भाकरी क्या होती है?
भाकरी एक मोटी, हाथ से थपथपाकर बनाई जाने वाली भारतीय रोटी है, जिसे मुख्यतः मोटे अनाजों के आटे से तैयार किया जाता है। इसे तवे पर धीमी आँच में पकाया जाता है और कई जगह सीधे आग पर फुलाया भी जाता है। इसका स्वाद सामान्य रोटी की तुलना में अधिक देसी और प्राकृतिक होता है।
भाकरी को प्रायः निम्न खाद्य पदार्थों के साथ परोसा जाता है—
- लहसुन की चटनी
- हरी मिर्च का ठेचा
- दही
- बैंगन भरता
- पिठला
- गुड़ और घी
- सरसों का साग
भाकरी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
यहाँ ज्वार की पारंपरिक भाकरी की सामग्री दी जा रही है, जो सबसे अधिक लोकप्रिय मानी जाती है।
मुख्य सामग्री
मात्रा
ज्वार का आटा2 कप
गर्म पानी लगभग 1 कप
नमक स्वादानुसार
सूखा आटा बेलने के लिए
वैकल्पिक सामग्री
- घी या मक्खन
- तिल
- अजवाइन
- हरी मिर्च का पेस्ट
- मेथी पत्ती
भाकरी बनाने के लिए आवश्यक बर्तन
- बड़ा बर्तन या परात
- तवा
- कपड़ा या पेपर
- पलटा
- गैस स्टोव
भाकरी बनाने की पारंपरिक विधि
- आटा तैयार करना
सबसे पहले एक परात में ज्वार का आटा लें। उसमें स्वादानुसार नमक मिलाएँ। अब धीरे-धीरे गर्म पानी डालते जाएँ और हाथों से मिलाते रहें।
ध्यान रखें कि पानी एक साथ न डालें, अन्यथा आटा चिपचिपा हो सकता है।
आटे को 5–7 मिनट तक अच्छी तरह गूँधें। ज्वार का आटा गेहूँ की तरह लचीला नहीं होता, इसलिए इसे थोड़ा दबाकर और हथेली से मसलते हुए गूँधना पड़ता है।
जब आटा मुलायम और चिकना हो जाए, तब उसे 5 मिनट ढककर रख दें। - लोई बनाना
अब आटे की मध्यम आकार की लोइयाँ बना लें। कोशिश करें कि लोई में दरारें न हों। यदि दरारें दिखाई दें तो थोड़ा पानी लगाकर उसे चिकना करें। - भाकरी बेलना या थपथपाना
भाकरी बनाने की सबसे खास कला यही होती है।
पारंपरिक तरीका
- लकड़ी के पटिए या साफ सतह पर थोड़ा सूखा आटा डालें।
- लोई रखें और हथेली से हल्के-हल्के थपथपाएँ।
- धीरे-धीरे उसे गोल आकार दें।
- भाकरी को बहुत पतला न करें।
यदि शुरुआती प्रयास में कठिनाई हो तो आप बेलन का उपयोग भी कर सकते हैं।
- तवे पर सेंकना
तवा मध्यम आँच पर गर्म करें।
अब सावधानी से भाकरी को तवे पर डालें। कुछ सेकंड बाद ऊपर हल्का पानी लगाएँ। इससे भाकरी नरम रहती है।
जब नीचे की सतह पक जाए, तब उसे पलट दें।
दूसरी तरफ पकने के बाद सीधे आँच पर फुलाएँ। इससे भाकरी में हल्की कुरकुरी परत और शानदार स्वाद आता है। - घी लगाकर परोसना
तैयार भाकरी पर घी या मक्खन लगाएँ। गरमा-गरम भाकरी को चटनी, दाल या सब्जी के साथ परोसें।
भाकरी के विभिन्न प्रकार
भारत के अलग-अलग राज्यों में भाकरी कई प्रकार से बनाई जाती है।
- ज्वार भाकरी
सबसे लोकप्रिय और पौष्टिक प्रकार। यह फाइबर से भरपूर होती है। - बाजरा भाकरी
सर्दियों में विशेष रूप से खाई जाती है। शरीर को गर्म रखने में सहायक। - मक्का भाकरी
पंजाब और राजस्थान में प्रसिद्ध। सरसों के साग के साथ इसका स्वाद अद्भुत होता है। - चावल की भाकरी
कोंकण क्षेत्र में बनाई जाती है। नरम और हल्की होती है। - मल्टीग्रेन भाकरी
ज्वार, बाजरा, रागी और गेहूँ को मिलाकर बनाई जाती है।
भाकरी खाने के स्वास्थ्य लाभ
- पाचन के लिए लाभकारी
भाकरी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है। - वजन नियंत्रित रखने में सहायक
यह लंबे समय तक पेट भरा रखती है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। - मधुमेह रोगियों के लिए उपयोगी
ज्वार और बाजरा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। - ग्लूटेन-फ्री विकल्प
जिन लोगों को ग्लूटेन से एलर्जी होती है, उनके लिए ज्वार और बाजरे की भाकरी उत्तम है। - ऊर्जा का अच्छा स्रोत
इसमें कार्बोहाइड्रेट, आयरन और मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
स्वादिष्ट भाकरी बनाने के महत्वपूर्ण टिप्स
- गर्म पानी का प्रयोग करें
गर्म पानी से आटा अधिक मुलायम बनता है। - ताजा आटा उपयोग करें
पुराना आटा भाकरी को सूखा बना सकता है। - मध्यम आँच रखें
बहुत तेज आँच भाकरी को जला सकती है। - हाथ गीले रखें
लोई बनाते समय हाथ गीले रखने से दरारें नहीं पड़तीं। - तुरंत परोसें
गरम भाकरी का स्वाद सबसे अच्छा होता है।
भाकरी के साथ परोसे जाने वाले लोकप्रिय व्यंजन
पिठला-भाकरी
महाराष्ट्र का प्रसिद्ध पारंपरिक भोजन।
लहसुन चटनी
सूखी लाल मिर्च और लहसुन से बनी तीखी चटनी।
बैंगन भरता
भुने हुए बैंगन की मसालेदार सब्जी।
दही और गुड़
सरल लेकिन अत्यंत स्वादिष्ट संयोजन।
भाकरी और भारतीय संस्कृति
भाकरी केवल एक रोटी नहीं बल्कि भारतीय किसानों और ग्रामीण जीवन का प्रतीक है। खेतों में काम करने वाले लोग इसे ऊर्जा के स्रोत के रूप में खाते रहे हैं। पुराने समय में महिलाएँ मिट्टी के चूल्हे पर हाथ से भाकरी बनाती थीं, जिसकी खुशबू पूरे घर में फैल जाती थी।
आज भी गाँवों में त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर भाकरी बनाई जाती है।
आधुनिक समय में भाकरी की लोकप्रियता
आज के हेल्थ-कॉन्शियस दौर में भाकरी फिर से चर्चा में है। फिटनेस विशेषज्ञ और डाइटिशियन मोटे अनाजों को भोजन में शामिल करने की सलाह देते हैं।
रेस्टोरेंट और होटल भी अब पारंपरिक भारतीय व्यंजनों में भाकरी को विशेष स्थान दे रहे हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए भाकरी
यदि भाकरी को नरम बनाकर घी के साथ परोसा जाए तो यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी लाभकारी होती है। इसमें कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं।
भाकरी भारतीय पारंपरिक भोजन की आत्मा है। इसका स्वाद, पोषण और देसीपन इसे विशेष बनाते हैं। चाहे ज्वार की हो, बाजरे की या मक्के की — हर प्रकार की भाकरी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी और स्वाद में अनूठी होती है।
यदि आप अपने भोजन में पौष्टिकता और पारंपरिक स्वाद शामिल करना चाहते हैं, तो भाकरी एक उत्कृष्ट विकल्प है। इसे बनाना थोड़ा अभ्यास मांगता है, लेकिन एक बार सही विधि सीखने के बाद आप घर पर आसानी से स्वादिष्ट और मुलायम भाकरी तैयार कर सकते हैं।
गरमा-गरम भाकरी, ऊपर से घी की हल्की परत और साथ में लहसुन की चटनी यही है असली भारतीय देसी स्वाद का आनंद।






