फर्रुखाबाद में ‘जीरो टॉलरेंस’ का असर: एक हफ्ते में चार निलंबित
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फर्रुखाबाद प्रशासन ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए महज एक सप्ताह के भीतर चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के नेतृत्व में यह कार्रवाई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई, जिससे प्रशासनिक सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है।
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई: राजस्व निरीक्षक रंगे हाथ गिरफ्तार
तहसील सदर में तैनात राजस्व निरीक्षक विमल कुमार श्रीवास्तव को एंटी करप्शन टीम ने उनके आवास से रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उनके साथ पवन सक्सेना उर्फ ऋषभ नामक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी कार्यालय ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की।
वायरल वीडियो बना सबूत: कायमगंज में भी कार्रवाई
तहसील कायमगंज के राजस्व निरीक्षक विजय पाल सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें अनियमितता और अनुचित आचरण के संकेत मिले। उपजिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उन्हें भी तत्काल निलंबित कर दिया गया।
लापरवाही पर गिरी गाज: अमृतपुर और विकास विभाग भी कार्रवाई के घेरे में
तहसील अमृतपुर के लेखपाल उत्कर्ष दुबे पर पैमाइश कार्य में अनावश्यक देरी और लापरवाही के आरोप साबित होने के बाद निलंबन हुआ। वहीं ग्राम विकास अधिकारी मानेंद्र सिंह को शौचालय के केयरटेकर के भुगतान को लंबित रखने और कार्य में शिथिलता के चलते सस्पेंड किया गया।
डीएम का सख्त संदेश: भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनपद में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम जनता को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देना प्रशासन का दायित्व है। इसमें बाधा डालने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों को चेतावनी: ईमानदारी से करें कर्तव्य निर्वहन
डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करें। साथ ही चेतावनी दी कि अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।






