राज्यसभा में बदला सियासी खेल, BJP 113 के आंकड़े पर – विपक्ष पर बढ़ा दबाव
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संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जहां राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ताकत अचानक बढ़कर 113 सांसदों तक पहुंच गई है। यह बदलाव आम आदमी पार्टी (AAP) के सात सांसदों के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद सामने आया है, जिसने संसद के ऊपरी सदन का पूरा गणित बदल दिया है।
AAP में टूट, BJP को सीधा फायदा
ताजा घटनाक्रम में AAP के सात राज्यसभा सांसदों ने एक साथ पार्टी से दूरी बनाते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। इस कदम को AAP के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। इन सांसदों के जाने से जहां AAP की ताकत घटकर बेहद सीमित रह गई, वहीं BJP को सीधा फायदा मिला और उसकी संख्या 106 से बढ़कर 113 हो गई।
राज्यसभा का बदला गणित
राज्यसभा की कुल प्रभावी संख्या लगभग 245 मानी जाती है, जिसमें बहुमत के लिए 123 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में भाजपा अब अपने दम पर बहुमत के काफी करीब पहुंच गई है और केवल कुछ सीटों की दूरी पर है। साथ ही, सहयोगी दलों को जोड़कर NDA की ताकत और भी मजबूत हो गई है, जिससे सरकार की स्थिति ऊपरी सदन में पहले से ज्यादा प्रभावशाली हो गई है।
सरकार को मिलेगा बड़ा विधायी फायदा
राज्यसभा में बढ़ती संख्या का सीधा असर सरकार के कामकाज पर पड़ने वाला है। अब महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में पहले की तुलना में कम बाधाएं आएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सरकार बड़े और अहम कानूनों को आसानी से पास करा सकती है, खासकर वे बिल जिन पर पहले विपक्ष का दबाव भारी पड़ता था।
क्यों अहम है यह बदलाव?
राज्यसभा में संख्या बढ़ने का मतलब सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीतियों और फैसलों पर सीधा असर डालता है।
इस बदलाव के बाद:
विपक्ष की ताकत कमजोर हुई है
भाजपा का प्रभाव बढ़ा है
संसद में सत्ता संतुलन बदल गया है
आगे क्या होगा?
आने वाले महीनों में राज्यसभा की कई सीटों पर चुनाव होने हैं, जिससे भाजपा की ताकत और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है, तो भाजपा न सिर्फ बहुमत के करीब पहुंचेगी, बल्कि संसद के ऊपरी सदन में भी उसका दबदबा और मजबूत हो सकता है।






