उमर्दा में ‘नवारम्भ उत्सव’ की अनूठी पहल: तिलक-माला से हुआ नन्हे छात्रों का स्वागत
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विकास खंड उमर्दा के एक कंपोजिट विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026–27 की शुरुआत को खास बनाने के लिए ‘नवारम्भ उत्सव’ एवं स्कूल अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य नव-प्रवेशित बच्चों के मन से विद्यालय के प्रति भय को दूर कर उन्हें एक सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल प्रदान करना था, ताकि वे शिक्षा की मुख्यधारा से सहज रूप से जुड़ सकें।
तिलक, माला और उपहार से हुआ आत्मीय स्वागत
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय पहुंचे नए बच्चों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर और फूल-मालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। शिक्षक हिमांशु तिवारी और अन्य स्टाफ सदस्यों ने बच्चों को फल एवं उपहार भी भेंट किए। इस आत्मीय स्वागत ने बच्चों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास दोनों झलकाए।
“बच्चे ही देश का भविष्य” – शिक्षक का संदेश
इस अवसर पर शिक्षक हिमांशु तिवारी ने बच्चों को देश का भविष्य बताते हुए कहा कि शिक्षा की मजबूत नींव एक सुखद और प्रेरणादायक वातावरण में ही रखी जा सकती है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
ग्रामीणों ने सराहा प्रयास
विद्यालय की इस पहल को क्षेत्र के ग्रामीणों और अभिभावकों ने सराहनीय बताया। उनका मानना है कि इस प्रकार के आयोजन न केवल बच्चों में विद्यालय के प्रति आकर्षण बढ़ाते हैं, बल्कि अभिभावकों का विश्वास भी मजबूत करते हैं। इससे परिषदीय विद्यालयों की छवि में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है।
शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम प्राथमिक शिक्षा में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने में सहायक होते हैं। यदि इस तरह के प्रयास निरंतर किए जाएं, तो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की भागीदारी दोनों में उल्लेखनीय सुधार संभव है।






