मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत पर बढ़ा विवाद, कन्नौज में सौंपा गया ज्ञापन
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मथुरा जनपद के कोसीकला क्षेत्र में गौ-सेवा से जुड़े संत बाबा चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर जहां एक ओर स्थानीय स्तर पर जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर संत समाज और विभिन्न संगठनों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। कन्नौज में भी इस घटना के विरोध में आवाज बुलंद हुई है।
ट्रक से कुचलने की घटना या साजिश? उठ रहे गंभीर सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाबा चंद्रशेखर की मौत एक ट्रक से कुचलने के कारण हुई बताई जा रही है। हालांकि, कई संगठनों और संतों ने इसे साधारण दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या की आशंका जताई है। मामले ने संवेदनशील रूप ले लिया है और जांच एजेंसियों पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ गया है।
कन्नौज में प्रदर्शन, एसडीएम को सौंपा गया ज्ञापन
सोमवार को कन्नौज कलक्ट्रेट परिसर में आल इंडिया आदि धर्म मिशन के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष देवानंदन दास के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा, जिसमें मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की गई।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा गया संदेश
ज्ञापन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी संबोधित किया गया है। संगठन ने मांग की है कि समाज विरोधी तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
संतों की सुरक्षा’ और ‘गौ-रक्षा’ का मुद्दा भी उठा
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने संतों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने यह भी मांग की कि आश्रमों में रहने वाले साधु-संतों और गौ-सेवकों को आत्मरक्षा के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। इस मुद्दे ने अब सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बहस को जन्म दे दिया है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस मौके पर सचिन दुबे, धर्मदास बाबा, श्यामजी मिश्रा, अभय सिंह, अमन मिश्रा, कौशल सिंह, अमित दुबे, शिवम कश्यप और छोटू तिवारी सहित कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग कीफिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। यह देखना अहम होगा कि जांच में यह घटना दुर्घटना साबित होती है या फिर साजिश की आशंकाओं को बल मिलता है। वहीं, संत समाज और संगठनों का दबाव प्रशासन पर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे यह मामला आने वाले दिनों में और गरमा सकता है।






