तिर्वा तहसील दिवस: 80 शिकायतें, 13 का मौके पर समाधान
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जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आयोजित तहसील दिवस में सोमवार को प्रशासनिक सक्रियता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। उपजिलाधिकारी (SDM) राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 80 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 13 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
अवैध कब्जा, पेंशन और पैमाइश बने मुख्य मुद्दे
तहसील सभागार में आयोजित इस दिवस में नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। इनमें प्रमुख रूप से अवैध कब्जे, वृद्धावस्था एवं अन्य पेंशन, भूमि पैमाइश, राजस्व विवाद जैसी शिकायतें शामिल रहीं। यह दर्शाता है कि ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में अभी भी भूमि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख बने हुए हैं।
राजस्व विभाग की टीम मौके पर रवाना
प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग से जुड़ी 13 शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया। संबंधित टीमों को मौके पर भेजा गया, जहां उन्होंने जांच कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया। यह पहल शासन की उस प्राथमिकता को दर्शाती है, जिसमें “समस्या स्थल पर समाधान” को बढ़ावा दिया जा रहा है।
SDM का सख्त संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
एसडीएम राजेश कुमार ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर समस्याओं का निराकरण करें।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति से बढ़ा भरोसा
तहसील दिवस में तहसीलदार अवनीश कुमार, नायब तहसीलदार सतीश कनौजिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की मौजूदगी से आमजन में यह विश्वास देखने को मिला कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और हल किया जा रहा है।
जनसुनवाई की प्रभावशीलता पर उठे सकारात्मक संकेत
तहसील दिवस जैसे कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच संवाद का मजबूत माध्यम बनते जा रहे हैं। मौके पर निस्तारण की बढ़ती संख्या यह संकेत देती है कि स्थानीय प्रशासन जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर और सक्रिय है।






