न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया आधार: मंडी में 152 करोड़ के आधुनिक न्यायिक परिसर की रखी गई नींव
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संवाद 24 हिमाचल प्रदेश । मंडी जिले में न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश Justice Surya Kant ने मंडी में लगभग 152 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक न्यायिक परिसर (Judicial Complex) की आधारशिला रखी। इस परियोजना को प्रदेश में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार और अदालतों की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम में न्यायपालिका और प्रशासन से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था तभी मजबूत होती है जब न्यायालयों के पास आधुनिक संसाधन और पर्याप्त आधारभूत ढांचा उपलब्ध हो।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया न्यायिक परिसर
मंडी में बनने वाला यह नया न्यायिक परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें कई अदालत कक्ष, वकीलों के लिए अलग कार्यालय, रिकॉर्ड रूम, डिजिटल सुविधाएँ, पार्किंग और आम नागरिकों के लिए बेहतर इंतजाम किए जाएंगे। इस परियोजना का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तकनीक-सक्षम बनाना है। नए परिसर के निर्माण के बाद न्यायालयों में लंबित मामलों के निपटारे की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार इस न्यायिक परिसर का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और इसमें भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त जगह और सुविधाओं का प्रावधान रखा गया है।
न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि न्यायालय केवल इमारत नहीं होते, बल्कि यह आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का सबसे महत्वपूर्ण मंच होते हैं। उन्होंने कहा कि जब अदालतों का ढांचा मजबूत होता है तो न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनती है। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में न्यायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके। न्यायिक परिसर के निर्माण से मंडी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी काफी सुविधा मिलेगी, क्योंकि उन्हें न्यायिक कामकाज के लिए बेहतर और आधुनिक वातावरण मिलेगा।
वकीलों और आम लोगों को मिलेगा लाभ
स्थानीय अधिवक्ताओं और नागरिकों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि नए न्यायिक परिसर के बनने से अदालतों में काम करने की परिस्थितियाँ बेहतर होंगी और न्यायिक प्रक्रियाएँ अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा सकेंगी। अधिवक्ताओं का कहना है कि लंबे समय से मंडी में बड़े और आधुनिक न्यायिक परिसर की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। पुराने भवनों में जगह की कमी और सीमित सुविधाओं के कारण कई बार कार्य में दिक्कतें आती थीं। नए परिसर के बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
क्षेत्रीय विकास को भी मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी परियोजनाएँ केवल न्यायिक व्यवस्था को ही मजबूत नहीं करतीं बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास को भी गति देती हैं। नए न्यायिक परिसर के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा बेहतर न्यायिक व्यवस्था से निवेश और प्रशासनिक कार्यों में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
2027 तक पूरा होने की संभावना
अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अनुमान है कि आने वाले कुछ वर्षों में इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और यह परिसर पूरी तरह से न्यायिक कार्यों के लिए शुरू हो सकेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद मंडी में न्यायिक व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है और इससे पूरे क्षेत्र में न्यायिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।






