’20 साल से था फारूक अब्दुल्ला के खून का प्यासा’: कौन है वो हमलावर जिसने पूर्व CM के घर में घुसकर मचाया तांडव
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संवाद 24 जम्मू-कश्मीर। राजनीति के सबसे कद्दावर चेहरों में से एक और नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा में एक ऐसी बड़ी चूक सामने आई है, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। जम्मू के भटिंडी इलाके में स्थित उनके उच्च सुरक्षा वाले आवास पर एक सिरफिरे युवक ने न केवल हमला किया, बल्कि वहां जमकर उत्पात भी मचाया। हमलावर की पहचान कमल सिंह के रूप में हुई है, जिसके इरादे और बयानों ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं हैं।
सुरक्षा के घेरे को चीरकर अंदर घुसा हमलावर
घटना उस वक्त की है जब फारूक अब्दुल्ला अपने घर पर मौजूद थे। हमलावर कमल सिंह अपनी लग्जरी एसयूवी (Mahindra XUV 500) को तेज रफ्तार में चलाते हुए आया और मुख्य द्वार के बैरियर को तोड़ते हुए सीधे बंगले के अंदर घुस गया। सुरक्षा में तैनात जवानों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। गाड़ी से उतरते ही कमल सिंह ने वहां मौजूद फर्नीचर और कीमती सामानों को तोड़ना शुरू कर दिया। जब सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो वह उनसे भी उलझ गया और हिंसक हो उठा।
“20 साल का इंतज़ार खत्म करना चाहता था”
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कमल सिंह ने जो बयान दिए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, उसने पुलिस के सामने कबूल किया कि वह पिछले 20 सालों से फारूक अब्दुल्ला को जान से मारने की योजना बना रहा था। उसने दावा किया कि उसके मन में अब्दुल्ला परिवार और उनकी राजनीति को लेकर गहरी नफरत भरी हुई थी। वह इस मौके की तलाश में था कि कब उसे सुरक्षा घेरे में सेंध लगाने का अवसर मिले। उसने सुरक्षाकर्मियों से चिल्लाकर कहा कि “आज मेरा मकसद पूरा होने वाला था।”
कौन है कमल सिंह? सनकी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा?
कमल सिंह मूल रूप से पुंछ जिले का रहने वाला है और उसके पिता का अपना कारोबार है। शुरुआती जांच में पुलिस उसे ‘मानसिक रूप से अस्थिर’ मान रही थी, लेकिन जिस तरह से उसने इतनी बड़ी सुरक्षा चूक को अंजाम दिया और जिस सफाई से वह बैरियर तोड़कर अंदर पहुंचा, उससे साजिश की बू आ रही है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि क्या कमल सिंह किसी कट्टरपंथी संगठन के संपर्क में था या उसे किसी ने मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया है।
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
फारूक अब्दुल्ला को ‘Z Plus’ सुरक्षा मिली हुई है, जिसमें दर्जनों कमांडो और अत्याधुनिक हथियारबंद जवान तैनात रहते हैं। ऐसे में एक आम आदमी का गाड़ी लेकर सीधे बंगले के आंगन तक पहुंच जाना, सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। भटिंडी स्थित आवास के बाहर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है और हर आने-जाने वाले पर पैनी नजर रखी जा रही है।
नेताओं की प्रतिक्रिया और तनाव
इस हमले के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। पार्टी के उमर अब्दुल्ला ने इसे सुरक्षा की बड़ी विफलता बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, घाटी के अन्य राजनीतिक दलों ने भी इस घटना की निंदा की है। इस हमले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर में वीवीआईपी सुरक्षा अभी भी चुनौतियों से भरी हुई है।






