खौफनाक ठगी: 23 लाख के फेर में उजड़ा हंसता-खेलता परिवार, बेटे की नादानी और ठगों के जाल ने ली पिता की जान

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​संवाद 24 झारखंड । राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी इलाके से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न केवल ऑनलाइन ठगी के खतरनाक स्तर को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि कैसे एक छोटी सी भूल पूरे परिवार को तबाह कर सकती है। पैसे दोगुना करने के लालच में एक 16 वर्षीय नाबालिग ने न केवल अपनी जमा-पूंजी गंवाई, बल्कि उसके इस कदम से लगे सदमे ने उसके पिता की जान भी ले ली।

​दोस्ती के नाम पर बिछाया गया मौत का जाल
मामले की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हुई, जब हिंदपीढ़ी नाला रोड निवासी कमरून निशा के 16 वर्षीय पुत्र मो. जैद की मुलाकात अमन हाशमी नामक एक युवक से हुई। अमन ने खुद को एक बड़ा व्यवसायी और छात्र बताकर जैद से दोस्ती की। उसने जैद को अपनी बातों के जाल में फंसाया और उसे कांटाटोली स्थित एक फ्लैट में बुलाना शुरू कर दिया। वहां उसने जैद को एक ऐसी ‘बिजनेस स्कीम’ के बारे में बताया जिसे सुनकर कोई भी लालच में आ जाए। अमन का दावा था कि वह महज एक महीने में निवेश की गई रकम को दोगुना कर देगा।

​विश्वास जीतने के लिए फेंका ‘चारा’
ठगों की पुरानी कार्यप्रणाली को अपनाते हुए, अमन ने शुरुआत में जैद का भरोसा जीतने के लिए उसे छोटा मुनाफा दिया। जैद ने जब पहली बार तीन लाख रुपये दिए, तो अमन ने उसे दोगुना करके वापस कर दिया। इसी ‘सक्सेस’ ने जैद की आंखों पर पट्टी बांध दी और वह ठगों के चंगुल में पूरी तरह फंस गया। उसे लगा कि वह रातों-रात अमीर बन जाएगा और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल देगा।

​कर्ज और मजबूरी की दलदल
अमन हाशमी के कहने पर जैद ने भारी निवेश करना शुरू किया। उसने अपने पिता से झूठ बोलकर, विभिन्न स्रोतों से पर्सनल लोन लेकर, गोल्ड लोन और यहां तक कि क्रेडिट कार्ड के जरिए भी पैसे जुटाए। ठगी का आलम यह था कि आरोपी ने जैद को अपनी दोपहिया गाड़ी तक बेचने पर मजबूर कर दिया। धीरे-धीरे जैद ने करीब 23 लाख रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से अमन को सौंप दिए। उसे अंदाजा भी नहीं था कि वह अपने परिवार के लिए कब्र खोद रहा है।

​धमकी, अपहरण की कोशिश और सबूत मिटाने का खेल
जब निवेश की अवधि पूरी हुई और जैद ने अपने पैसे वापस मांगे, तो अमन के असली तेवर सामने आने लगे। वह टालमटोल करने लगा और अंततः जैद को पैसे दिलाने के बहाने दिल्ली ले गया। दिल्ली में उसने जैद के मोबाइल से ठगी से जुड़े तमाम सबूत मिटाने की कोशिश की और उसे जान से मारने की धमकी भी दी। वहां से किसी तरह बचकर जैद वापस रांची लौटा और अपनी मां को पूरी आपबीती सुनाई।

​सदमा नहीं झेल सके पिता, हुई मौत
जब यह बात घर पहुंची, तो जैद के पिता मजहर आलम के पैरों तले जमीन खिसक गई। 23 लाख रुपये की इतनी बड़ी चपत और बेटे के भविष्य की चिंता ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। इस भारी आर्थिक नुकसान और धोखे के सदमे को वह सहन नहीं कर पाए। उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया और इलाज के दौरान 25 जनवरी को उनकी मृत्यु हो गई। एक परिवार का मुखिया सिर्फ इसलिए चला गया क्योंकि समाज में मौजूद ‘इंसानी भेड़ियों’ ने एक बच्चे की मासूमियत का फायदा उठाया।

​अब भी जारी है प्रताड़ना
पीड़ित मां कमरून निशा का आरोप है कि पति की मौत के बाद भी ठग बाज नहीं आ रहे हैं। अमन हाशमी, उसके पिता फिरोज अहमद और उनके साथी अब जैद को डराने-धमकाने वाले पत्र भेज रहे हैं, जिससे किशोर की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। कमरून निशा ने हिंदपीढ़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है और न्याय की गुहार लगाई है।

​पुलिस की कार्रवाई
हिंदपीढ़ी थाना प्रभारी रंजीत सिन्हा ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना उन सभी माता-पिता के लिए एक चेतावनी है जिनके बच्चे सोशल मीडिया या बाहरी दुनिया में अजनबियों से दोस्त करते हैं। ‘शॉर्टकट’ से अमीर बनने का सपना अक्सर ऐसे ही भयावह अंत पर जाकर खत्म होता है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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