खाड़ी के अहम बंदरगाह के पास धरती कांपी: ईरान में 4.1 तीव्रता का भूकंप, लोगों में दहशत
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संवाद 24 नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में पहले से चल रहे तनावपूर्ण माहौल के बीच ईरान में शनिवार सुबह भूकंप के झटकों ने लोगों को डरा दिया। देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पास रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप के झटके महसूस होते ही स्थानीय लोगों में कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया, हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।
सुबह के समय आया भूकंप, लोगों में फैली घबराहट
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के अनुसार यह भूकंप शनिवार सुबह आया। स्थानीय समय के अनुसार भूकंप के झटके सुबह करीब 6:48 बजे महसूस किए गए। झटके बहुत अधिक शक्तिशाली नहीं थे, लेकिन अचानक आए कंपन से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में कुछ समय के लिए डर और चिंता का माहौल बन गया। कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। विशेषज्ञों के अनुसार 4.1 तीव्रता का भूकंप सामान्य तौर पर हल्के से मध्यम श्रेणी का माना जाता है। ऐसे झटकों से बड़े पैमाने पर नुकसान की संभावना कम रहती है, लेकिन यदि आबादी घनी हो या इमारतें कमजोर हों तो हल्की क्षति हो सकती है।
बंदर अब्बास से लगभग 74 किलोमीटर दूर था केंद्र
भूकंप का केंद्र बंदर अब्बास शहर से करीब 74 से 75 किलोमीटर पश्चिम दिशा में बताया गया है। यह क्षेत्र ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में आता है और फारस की खाड़ी के पास स्थित है। भूकंप लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर उत्पन्न हुआ, जिसे अपेक्षाकृत उथला भूकंप माना जाता है। उथले भूकंपों के झटके अक्सर आसपास के क्षेत्रों में ज्यादा महसूस होते हैं, क्योंकि इनकी ऊर्जा धरती की सतह के करीब फैलती है। हालांकि इस मामले में भूकंप की तीव्रता अधिक नहीं थी, इसलिए नुकसान की कोई बड़ी खबर सामने नहीं आई।
प्रशासन सतर्क, नुकसान की नहीं मिली जानकारी
भूकंप के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने स्थिति की निगरानी शुरू कर दी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार किसी भी तरह के बड़े ढांचागत नुकसान या हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। चूंकि बंदर अब्बास ईरान का एक प्रमुख बंदरगाह शहर है और यहां से अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा संचालित होता है, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और बंदरगाह गतिविधियों की भी समीक्षा की है। फिलहाल सामान्य गतिविधियां जारी रहने की जानकारी दी गई है।
युद्ध जैसे माहौल के बीच आए झटकों ने बढ़ाई चर्चा
यह भूकंप ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया का माहौल पहले से ही तनावपूर्ण बना हुआ है। ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच बढ़ते तनाव और सैन्य गतिविधियों के कारण क्षेत्र की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे माहौल में आए भूकंप के झटकों ने लोगों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाओं को भी जन्म दे दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना को प्राकृतिक भूकंप के रूप में ही देखा जाना चाहिए और इसे किसी अन्य गतिविधि से जोड़कर देखना उचित नहीं है।
कुछ दिनों में दूसरा भूकंप
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में ईरान के दक्षिणी हिस्सों में एक से अधिक बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। इससे पहले इसी सप्ताह एक अन्य क्षेत्र में भी करीब 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। ऐसे घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि यह क्षेत्र भूगर्भीय गतिविधियों के लिहाज से सक्रिय बना हुआ है। ईरान भूकंपीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है क्योंकि यह कई प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन क्षेत्र के पास स्थित है। इसी कारण यहां समय-समय पर छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह: घबराने के बजाय सतर्क रहें
भूकंप विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे भूकंप अक्सर बड़े झटकों का संकेत नहीं होते, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि भूकंप के समय खुले स्थान पर जाएं, भारी वस्तुओं से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। फिलहाल बंदर अब्बास और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यदि किसी तरह की आपात स्थिति पैदा होती है तो तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी रखी गई है।






