रंगों के पर्व पर खूनी साया: दिल्ली के उत्तम नगर में गुब्बारे के छींटों ने ले ली युवक की जान, इलाके में भारी तनाव
Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने होली की खुशियों को मातम में बदल दिया। महज पानी के गुब्बारे के कुछ छींटों ने एक ऐसी हिंसक चिंगारी भड़काई कि एक 26 वर्षीय होनहार युवक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव व्याप्त है और भारी पुलिस बल के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
मामूली सी बात और खौफनाक अंजाम
घटना की शुरुआत होली के दिन हुई, जब उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में खुशियों का माहौल था। पुलिस और चश्मदीदों के अनुसार, एक 11 साल की बच्ची अपने घर की छत से नीचे खड़े अपने परिजनों पर पानी के गुब्बारे फेंक रही थी। इसी दौरान एक गुब्बारा गलती से सड़क पर जा गिरा और उसके छींटे पास से गुजर रही एक महिला पर पड़ गए। पीड़ित परिवार का दावा है कि उन्होंने इस गलती के लिए तुरंत माफी भी मांगी, लेकिन विवाद शांत होने के बजाय और गहरा गया। आरोप है कि महिला और उसके परिवार के सदस्यों ने इस बात पर गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दूसरे पक्ष के दर्जनों लोग लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और पत्थरों से लैस होकर वहां जमा हो गए।
तरुण की बेरहमी से हत्या
मृतक की पहचान 26 वर्षीय तरुण के रूप में हुई है, जो डिजिटल मार्केटिंग का कोर्स कर रहा था। परिजनों ने बताया कि जब यह शुरुआती विवाद हुआ, तब तरुण वहां मौजूद नहीं था। वह अपने दोस्तों के साथ होली खेलकर बाइक से घर लौट रहा था। जैसे ही वह अपनी गली के मोड़ पर पहुँचा, घात लगाकर बैठे 15-20 हमलावरों ने उसे घेर लिया। तरुण के दादा मान सिंह ने बताया कि हमलावरों ने उसे बाइक से नीचे गिराया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। जब तरुण निढाल होकर जमीन पर गिर पड़ा, तब भी हमलावरों का दिल नहीं पसीजा और कथित तौर पर उसके सीने पर एक भारी पत्थर से प्रहार किया गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इलाके में भारी बवाल और आगजनी
तरुण की मौत की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फूट पड़ा। गुस्साए स्थानीय लोगों और कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उत्तम नगर थाने का घेराव किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर घंटों सड़क जाम रखी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालात तब और बिगड़ गए जब भीड़ ने आरोपियों के घर के बाहर खड़ी कार और बाइक को आग के हवाले कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा के इंतजाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए द्वारका जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडिशनल डीसीपी निहारिका भट्ट ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने हत्या की धाराओं (सेक्शन 103) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। ड्रोन कैमरों के जरिए गलियों की निगरानी की जा रही है ताकि कोई दोबारा हिंसा न भड़का सके। पुलिस ने दोनों समुदायों के प्रबुद्ध लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।






