भक्ति की गूंज से जगमगाया महा मंगलेश्वर नाथ धाम, सुंदरकांड पाठ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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संवाद 24 संवाददाता। नगर के प्राचीन मंदिर श्री महा मंगलेश्वर नाथ द्वादश ज्योतिर्लिंग धाम, पुराना कोटा पार्चा में वार्षिक उत्सव के अवसर पर रविवार को भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। श्री सुंदरकांड पाठ समिति, चिंतामणि के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर मानव कल्याण, सुख-समृद्धि और मंगलकामना के लिए भगवान हनुमान की आराधना की।सुबह से ही मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बन गया। भक्तों की उपस्थिति, भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार से पूरा परिसर भक्तिरस में डूबा नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान के समक्ष परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
समिति के व्यवस्थापक घनश्याम वाजपेई ने कहा कि कलियुग में भगवान हनुमान की उपासना को अत्यंत प्रभावशाली माना गया है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस की चौपाई — “कवन सो काज कठिन जग माही, जो नहीं होई तात तुम पाही” — का उल्लेख करते हुए कहा कि हनुमान जी की कृपा से कोई भी कार्य असंभव नहीं रहता। इसी भावना के साथ त्रिदिवसीय धार्मिक कार्यक्रम में भगवान शिव के रुद्र अवतार माने जाने वाले हनुमान जी की विशेष आराधना की गई।कार्यक्रम के समापन पर भगवान हनुमान का भव्य एवं दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके साथ छप्पन भोग अर्पित कर महाआरती संपन्न हुई। बाद में महाप्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
सुंदरकांड पाठ में योगेश मिश्रा, मनोज मिश्रा, निर्मल दीक्षित, प्रशांत सिंह, घनश्याम वाजपेई, अशोक वर्मा, कमलेश दीक्षित, अनूप मिश्रा, नागेश अग्निहोत्री, पवन गुप्ता, रविंद्र भदौरिया तथा अनुराग पांडे ने संगीतबद्ध प्रस्तुति दी। वहीं सेवा कार्यों में रामजी वाजपेई, ओम शुक्ला, रामवीर गौतम भदौरिया, नीरज सक्सेना, स्वदेश, दिनेश मिश्रा, शिव आशीष, सागर भारद्वाज, प्रमोद द्विवेदी, दीपक शुक्ला और रजत अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु सक्रिय रहे।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में अनुशासित व्यवस्था और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ऐसे धार्मिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक सद्भाव बढ़ाने वाला बताया।






