19 ट्रेनों में बदलेगी खानपान व्यवस्था! यात्रियों को मिलेगा बेहतर भोजन और सीट सुविधा का तोहफा

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संवाद 24 बिहार । समस्तीपुर पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ने यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने 19 ट्रेनों में उन्नत खानपान सेवा सुनिश्चित करने के लिए विशेष बर्थ आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य यात्रियों को यात्रा के दौरान गुणवत्तापूर्ण और समय पर भोजन उपलब्ध कराना है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती यात्री संख्या और लंबी दूरी की ट्रेनों में खानपान व्यवस्था को और व्यवस्थित बनाने की जरूरत महसूस की जा रही थी।

खानपान सेवा को मजबूत करने की पहल
रेलवे की नई योजना के तहत चयनित ट्रेनों में कैटरिंग स्टाफ के लिए अलग से सीटें आरक्षित की जाएंगी, ताकि वे पूरी यात्रा के दौरान सुचारु रूप से अपनी सेवाएं दे सकें। अब तक कई बार यह शिकायत मिलती थी कि भीड़ या सीट उपलब्ध न होने के कारण खानपान कर्मियों को असुविधा होती है, जिससे सेवा प्रभावित होती थी। इस नई व्यवस्था से न केवल स्टाफ को सुविधा मिलेगी, बल्कि यात्रियों को भी समय पर और बेहतर गुणवत्ता का भोजन मिल सकेगा।

किन ट्रेनों में लागू होगी व्यवस्था
पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाली 19 महत्वपूर्ण ट्रेनों को इस योजना में शामिल किया गया है। ये ट्रेनें लंबी दूरी तय करती हैं और इनमें रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जिन ट्रेनों में खानपान की मांग अधिक रहती है, वहां इस सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्रियों को यात्रा के दौरान भोजन की कमी या देरी जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी।

स्टाफ को मिलेगा बेहतर कार्य वातावरण
रेलवे प्रशासन का मानना है कि जब तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को उचित व्यवस्था नहीं मिलेगी, तब तक यात्रियों को उत्कृष्ट सेवा देना संभव नहीं है। आरक्षित बर्थ मिलने से कैटरिंग स्टाफ आराम से यात्रा कर सकेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत सेवा दे पाएगा। इससे भोजन वितरण की गति भी सुधरेगी और शिकायतों में कमी आने की उम्मीद है।

यात्रियों की बढ़ती मांग का असर
हाल के वर्षों में रेलवे यात्रा के दौरान साफ-सुथरे और गुणवत्तापूर्ण भोजन की मांग तेजी से बढ़ी है। ऑनलाइन बुकिंग और ई-कैटरिंग जैसी सुविधाओं ने भी खानपान व्यवस्था को अधिक संगठित बनाया है। ऐसे में रेलवे ने महसूस किया कि यदि सेवा में सुधार नहीं किया गया तो यात्रियों की संतुष्टि प्रभावित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।

निगरानी और गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ सीट आरक्षण ही नहीं, बल्कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी। समय-समय पर निरीक्षण किया जाएगा और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की शिकायत को रेलवे हेल्पलाइन या आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर दर्ज कराएं।

भविष्य में और ट्रेनों में विस्तार संभव
यदि यह व्यवस्था सफल रहती है और यात्रियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक मिलती है, तो इसे अन्य ट्रेनों में भी लागू किया जा सकता है। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि लंबी दूरी की सभी प्रमुख ट्रेनों में खानपान सेवा को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाया जाए। इससे यात्रियों का भरोसा मजबूत होगा और यात्रा अनुभव बेहतर बनेगा।

यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को ही होगा। बेहतर समन्वय और व्यवस्थित सेवा से भोजन समय पर उपलब्ध होगा, गुणवत्ता में सुधार आएगा और शिकायतों में कमी होगी। लंबी यात्रा के दौरान भोजन की चिंता कम होने से यात्री अधिक आरामदायक अनुभव कर पाएंगे। समस्तीपुर मंडल से शुरू हुई यह पहल रेलवे की सेवा सुधार नीति का हिस्सा मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह प्रयोग यात्रियों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है। फिलहाल इतना तय है कि पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए एक सकारात्मक कदम उठाया है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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