देसी स्वाद का खज़ाना: घर पर परफेक्ट सत्तू पराठा बनाने की सम्पूर्ण विधि
Share your love

संवाद 24 डेस्क। भारतीय खानपान में पराठों का एक विशेष स्थान है, और जब बात पौष्टिकता, स्वाद और पारंपरिक सुगंध की हो, तो सत्तू पराठा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। खासतौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में सत्तू पराठा नाश्ते, दोपहर के भोजन और यात्रा भोजन के रूप में बेहद लोकप्रिय है। सत्तू न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि प्रोटीन, फाइबर और ऊर्जा का उत्कृष्ट स्रोत भी माना जाता है।
आज के इस लेख में हम आपको सत्तू पराठा बनाने की सम्पूर्ण सामग्री, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, स्टेप-बाय-स्टेप विधि, महत्वपूर्ण टिप्स, पोषण संबंधी तथ्य, सामान्य गलतियाँ और परोसने के सर्वोत्तम तरीकों के साथ विस्तार से जानकारी देंगे। यह लेख न्यूज़ वेबसाइट के पाठकों के लिए तथ्यात्मक, मौलिक और उपयोगी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
सत्तू क्या होता है? (संक्षिप्त जानकारी)
सत्तू मूल रूप से भुने हुए चने (कभी-कभी जौ या अन्य अनाज के मिश्रण) को पीसकर तैयार किया जाता है। इसे “इंस्टेंट एनर्जी फूड” भी कहा जाता है क्योंकि यह आसानी से पचने वाला और उच्च पोषण वाला खाद्य पदार्थ है।
मुख्य पोषण लाभ:
• उच्च प्रोटीन
• भरपूर फाइबर
• आयरन और मैग्नीशियम
• कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स
• गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाला
सत्तू पराठा बनाने की सम्पूर्ण सामग्री
- आटा गूंधने के लिए सामग्री
• गेहूं का आटा – 2 कप
• नमक – ½ छोटा चम्मच
• तेल या घी – 1 बड़ा चम्मच
• पानी – आवश्यकतानुसार - सत्तू स्टफिंग के लिए सामग्री
• सत्तू – 1 कप
• बारीक कटा प्याज – 1 मध्यम
• लहसुन – 4–5 कली (कुटी हुई)
• अदरक – 1 छोटा चम्मच (कद्दूकस)
• हरी मिर्च – 2 (बारीक कटी)
• धनिया पत्ती – 2 बड़े चम्मच
• अचार का मसाला – 1 बड़ा चम्मच (वैकल्पिक लेकिन स्वाद बढ़ाता है)
• नींबू का रस – 1–2 छोटा चम्मच
• सरसों का तेल – 1 बड़ा चम्मच
• अजवाइन – ½ छोटा चम्मच
• नमक – स्वादानुसार
• भुना जीरा पाउडर – ½ छोटा चम्मच
• लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच - सेंकने के लिए
• घी या तेल – आवश्यकतानुसार
सत्तू पराठा बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
चरण 1: आटा तैयार करना
1. एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा लें।
2. उसमें नमक और थोड़ा सा तेल या घी डालें।
3. धीरे-धीरे पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंध लें।
4. आटे को कम से कम 15–20 मिनट ढककर आराम करने दें।
प्रो टिप: आराम किया हुआ आटा पराठे को नरम बनाता है और बेलना आसान होता है।
चरण 2: सत्तू की स्टफिंग तैयार करना
1. एक बाउल में सत्तू डालें।
2. उसमें प्याज, लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और धनिया पत्ती मिलाएं।
3. अब नमक, अजवाइन, जीरा पाउडर, लाल मिर्च डालें।
4. सरसों का तेल और नींबू रस डालकर अच्छे से मिलाएं।
5. यदि मिश्रण सूखा लगे तो 1–2 चम्मच पानी छिड़क सकते हैं।
महत्वपूर्ण: स्टफिंग न बहुत सूखी होनी चाहिए और न बहुत गीली।
चरण 3: लोई बनाना
1. आटे की मध्यम आकार की लोई तोड़ें।
2. उसे हल्का बेलकर कटोरी जैसा आकार दें।
3. उसमें 2–3 चम्मच सत्तू मिश्रण भरें।
4. किनारों को बंद करके गोल लोई बना लें।
चरण 4: पराठा बेलना
1. भरी हुई लोई को सूखे आटे में लपेटें।
2. धीरे-धीरे हल्के हाथ से बेलें।
3. ध्यान रखें कि स्टफिंग बाहर न निकले।
चरण 5: पराठा सेंकना
1. तवा मध्यम आंच पर गर्म करें।
2. पराठा तवे पर डालें।
3. हल्का सिकने पर पलट दें।
4. दोनों तरफ घी या तेल लगाकर सुनहरा होने तक सेंकें।
पराठा हल्का कुरकुरा और सुगंधित होना चाहिए।
परफेक्ट सत्तू पराठा बनाने के प्रोफेशनल टिप्स
✔ सरसों का तेल स्वाद बढ़ाने का मुख्य तत्व है।
✔ अचार मसाला डालने से देसी फ्लेवर आता है।
✔ स्टफिंग में थोड़ी नमी जरूरी है।
✔ तवा बहुत तेज गर्म नहीं होना चाहिए।
✔ मध्यम आंच पर ही पराठा कुरकुरा बनता है।
सत्तू पराठा के साथ क्या परोसें?
सत्तू पराठा कई चीजों के साथ परोसा जा सकता है:
• दही
• हरी चटनी
• आम का अचार
• टमाटर की चटनी
• मक्खन या सफेद मक्खन
ग्रामीण इलाकों में इसे प्याज और हरी मिर्च के साथ भी खाया जाता है।
सत्तू पराठा का पोषण मूल्य
एक मध्यम सत्तू पराठा लगभग देता है:
• कैलोरी: 180–220
• प्रोटीन: 6–8 ग्राम
• कार्बोहाइड्रेट: 25–30 ग्राम
• फाइबर: 4–5 ग्राम
• वसा: 6–8 ग्राम
यह संतुलित भोजन माना जाता है क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर का अच्छा संयोजन होता है।
स्वास्थ्य लाभ
- वजन नियंत्रित रखने में मदद
सत्तू फाइबर से भरपूर होता है जिससे लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है। - ऊर्जा का अच्छा स्रोत
काम करने वाले लोगों और यात्रियों के लिए उत्तम भोजन है। - पाचन के लिए लाभकारी
भुना चना पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। - मधुमेह रोगियों के लिए बेहतर विकल्प
कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होने के कारण रक्त शर्करा धीरे बढ़ती है।
सत्तू पराठा की लोकप्रिय क्षेत्रीय विविधताएं
भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में सत्तू पराठा बनाने के तरीके अलग होते हैं:
बिहार शैली
सरसों तेल और अचार मसाला का उपयोग अधिक होता है।
उत्तर प्रदेश शैली
हल्का मसालेदार और कम तेल वाला।
झारखंड शैली
लहसुन और हरी मिर्च अधिक डाली जाती है।
सामान्य गलतियाँ जो लोग करते हैं
❌ स्टफिंग बहुत सूखी रखना
❌ आटा कड़ा गूंधना
❌ तेज आंच पर पराठा सेंकना
❌ ज्यादा स्टफिंग भर देना
❌ तवा सही तापमान पर न रखना
इन गलतियों से पराठा फट सकता है या सख्त बन सकता है।
सत्तू पराठा को स्टोर कैसे करें?
• पका पराठा 6–8 घंटे तक सामान्य तापमान पर सुरक्षित रहता है।
• फ्रिज में 24 घंटे तक रखा जा सकता है।
• दोबारा खाने से पहले हल्का गर्म करें।
यात्रा के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है।
विशेषज्ञ सुझाव: होटल जैसा स्वाद कैसे लाएं?
• घी और तेल का मिश्रण उपयोग करें
• तवे पर हल्का दबाकर सेंकें
• स्टफिंग में काला नमक डालें
• थोड़ा भुना बेसन मिलाने से टेक्सचर बेहतर होता है
क्या सत्तू पराठा बच्चों के लिए अच्छा है?
हाँ, लेकिन तीखापन कम रखें।
बच्चों के लिए आप इसमें:
• पनीर
• उबला आलू
• घी
मिला सकते हैं।
सत्तू पराठा: आधुनिक लाइफस्टाइल में महत्व
आज के समय में जब लोग फास्ट फूड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, सत्तू पराठा पारंपरिक और पौष्टिक विकल्प के रूप में सामने आता है। फिटनेस विशेषज्ञ भी हाई-प्रोटीन देसी भोजन को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसमें सत्तू महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
सत्तू पराठा केवल एक भोजन नहीं बल्कि भारतीय परंपरा, पोषण और स्वाद का अनोखा संगम है। इसकी खासियत यह है कि इसे बनाना आसान है, सामग्री सस्ती है और स्वास्थ्य लाभ भरपूर हैं। चाहे सुबह का नाश्ता हो, यात्रा का भोजन या पारिवारिक लंच — सत्तू पराठा हर अवसर के लिए उपयुक्त है।
यदि सही तकनीक और संतुलित मसालों के साथ इसे बनाया जाए, तो घर पर ही होटल जैसा स्वाद प्राप्त किया जा सकता है।






